वर्ष 2019 विश्व में बच्चों के अधिकारों व हितों का गंभीर उल्लंघन करने वाले 20 हजार मामले पैदा
संयुक्त राष्ट्र संघ ने 15 जून को वर्ष 2019 बाल व सशस्त्र संघर्ष की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में यह कहा गया है कि वर्ष 2019 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने बच्चों के अधिकारों व हितों का गंभीर उल्लंघन करने वाले कुल 25 हजार से अधिक मामलों की पुष्टि की। यानी प्रति दिन लगभग 70 मामले पैदा हुए। यह स्थिति वर्ष 2018 के बराबर है।
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के बाल व सशस्त्र संघर्ष मामले की विशेष दूत ने इस रिपोर्ट को जारी करने के सम्मेलन में कहा कि उन बच्चों का बचपन बहुत खराब है, जिसमें दुःख, निर्दयी व आतंक भरा हुआ है। संघर्ष के विभिन्न पक्षों ने कार्रवाई करने में बच्चों के संरक्षण की उपेक्षा की।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में कुल दस हजार से अधिक बच्चे संघर्ष में मारे गये या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह संख्या वर्ष 2018 की अपेक्षा थोड़ी कम हुई। इस पक्ष में अफ़गानिस्तान अभी तक सबसे गंभीर देश है, इसके पीछे सीरिया व यमन है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2019 में संघर्ष के विभिन्न पक्षों ने कुल सात हजार से अधिक बच्चों का इस्तेमाल किया। उनमें डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कॉंगो, सोमालिया व सीरिया की स्थिति सबसे गंभीर है। हालांकि यह संख्या वर्ष 2018 से कम हुई, लेकिन स्थिति आशावान नहीं है।
चंद्रिमा