चीन से अलग नहीं हो सकता ऑस्ट्रेलियाः ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञ
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी एशिया मंच और सिडनी विज्ञान व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने अध्ययन रिपोर्ट जारी कर बताया कि चीनी अर्थव्यवस्था से अलग होने से आस्ट्रेलिया को कोई लाभ नहीं होगा । चीन जल्द ही कोविड-19 महामारी से निकलेगा और आर्थिक विकास पर जोर लगाएगा ।पूरी दुनिया को इस से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी ।
हाल ही में चीन-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में थोड़ा परेशानी हुई है ।कुछ ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और राजनीतिज्ञों का दावा है कि ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था को चीन पर अति निर्भर नहीं रहना चाहिए और चीन से अलग होना चाहिए ।इस पर सिडनी विज्ञान व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ऑस्ट्रेलिया चीन संबंध अनुसंधान संस्थान ने हाल ही में अध्ययन रिपोर्ट जारी कर बताया कि पिछले दस साल में आस्ट्रेलिया के निर्यात में हर साल 18000 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की वृद्धि दर्ज हुई ,जिसमें लगभग 60 प्रतिशत राशि चीन के साथ व्यापार से आयी ।अगर ऑस्ट्रेलिया व्यापार में चीन से बचेगा ,तो ऑस्ट्रेलियाई लोगों की आय और रोजगार के मौके कम होंगे ।इस अध्ययन रिपोर्ट के लेखकों में से एक और आस्ट्रेलिया-चीन संबंध अनुसंधान संस्थान के प्रमुख जेम्स लोरेंससन ने बताया कि चीन के साथ सक्रियता से आर्थिक आवाजाही बढ़ाना ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय हित में है ।उन्होंने बताया ,चीन का आर्थिक विकास चीन और पूरे विश्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है ।पिछले दस से अधिक साल में विश्व आर्थिक वृद्धि में चीन का योगदान एक तिहाई भाग था ।आस्ट्रेलिया की दृष्टि से हमें बड़ा लाभ मिला है और हम ऐसा लाभ प्राप्त करते रहेंगे ।अगर हम चीन का एक तिहाई योगदान खो देंगे ,तो विश्व आर्थिक विकास को भारी नुकसान होगा ।उल्लेखनीय बात है कि चीनी आर्थिक आंकड़ों से पता चला कि चीनी अर्थव्यवस्था महामारी के प्रभाव से निकल रही है ।
ऑस्ट्रेलियाई नेशनल युनिवर्सिटी की अर्थशास्त्री जेन गोले 25 सालों से चीनी अर्थव्यवस्था के अध्ययन में जुटी हुई हैं ।उन के विचार में आर्थिक क्षेत्र में चीन पर निर्भर रहने से ऑस्ट्रेलिया में समृद्धि विकास का स्वर्णिम युग आया ।कोविड-19 महामारी के बाद अपने आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए ऑस्ट्रेलिया को चीन के साथ प्रगाढ़ सहयोग बनाए रखना है ।उन्होंने बताया ,आस्ट्रेलिया के व्यापार जगत ,यहां तक कि हरेक आस्ट्रेलियाई को इधर कुछ साल चीन के विकास से लाभ मिला है ।लेकिन कुछ मीडिया और थिंक टैंक ने शोरगुल मचाया कि क्या आस्ट्रेलिया चीन पर अति निर्भर रहता है ।क्या आस्ट्रेलिया आर्थिक विकास की विविधता पर चलेगा ,खासकर अमेरिका और चीन के संबंधों की अस्थिरता के बीच आस्ट्रेलिया क्या चुनाव करेगा ।विविधता के रास्ते पर चलने से आस्ट्रेलिया को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा ।असंख्य तथ्यों और आंकड़ों से साबित है कि मजबूत चीनी अर्थव्यवस्था आस्ट्रेलिया के लिए अत्यंत अहम है ,खासकर व्यापार और निवेश के लिए ।महामारी के कारण चीनी अर्थव्यवस्था धीमी होगी ,फिर भी वह आस्ट्रेलिया के निरंतर विकास के लिए कई मौके प्रदान करेगी ।
हाल ही में आस्ट्रेलिया के पूर्वी एशिया मंच ने चीनी अर्थव्यवस्था से अलग होने से पूरी दुनिया भारी कीमत चुकाएगी नामक रिपोर्ट जारी की ।इस में कहा गया कि निरंतर आगे बढ़ रहे आर्थिक व व्यापारिक संपर्क आस्ट्रेलिया और चीन के समान हितों के अनुरूप है ।डॉक्टर जेम्स लौरेंसेसन ने बताया कि आस्ट्रेलिया को चीन के साथ सहयोग गहराना चाहिए ।चीन सृजन के रास्ते पर चल रहा है ।आस्ट्रेलिया को इस से लाभ मिलेगा ।उन्होंने बताया ,चीन ने आर्थिक विकास की सही योजना बनायी है ।उदाहरण के लिए चीन को पता है कि नागरिकों की आय बढ़ाने के लिए विज्ञान व तकनीक की प्रगति की जरूरत है ।चीन के पुराने विकास मॉडल से काम नहीं चलेगा ।चीनी अर्थशास्त्री इस बारे में बहुत स्पष्ट सोच रखते हैं ।चीन के साथ घनिष्ठ सहयोग करने से विश्व के अन्य देशों को चीन के विकास से लाभ मिलेगा ।अवश्य ही चीन भी विश्व आर्थिक वातावरण से लाभ प्राप्त करेगा ।अगर चीन की आर्थिक विकास योजना सही ढंग से लागू की जाती है तो यह विश्व अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी बात होगी।
(वेइतुंग)