ऑस्ट्रेलिया संस्थान की रिपोर्ट :साइबर पेड आर्मी ने वायरस के मानव निर्मित होने की थ्योरी फैलायी

2020-06-11 18:09:08
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ऑस्ट्रेलिया संस्थान ने हाल ही में "लाइक ए वायरस: न्यू कोरोना वायरस पर गलत सूचना का संगठित प्रसार" शीर्षक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल मार्च माह से संगठित साइबर वॉटर आर्मी यानी पेड़ आर्मी ने सोशल मीडिया में "न्यू कोरोना वायरस चीन के वुहान के लैब में मानव निर्मित रासायनिक हथियार होने का षड्यंत्र थ्योरी" फैलायी। रिपोर्ट के अनुसार अफवाह फैलाने वाले आम तौर पर एंटी-वैक्सीन, एंटी-5G और एंटी-चाइना ग्रुप से संबंधित हैं।

ऑस्ट्रेलिया संस्थान ने क्वींसलैंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों को मार्च माह में ट्विटर में कोविड-19 से संबंधित लाखों हजारों सूचनाओं का अनुसंधान करने का काम सौंपा। अनुसंधान के निष्कर्ष के मुताबिक कई हजार अकाउंट ने साथ साथ कोविड-19 की समान सूचना साझा की और एक ही आवाज में "न्यू कोरोना वायरस चीन के वुहान के लैब में मानव निर्मित रासायनिक हथियार होने का षड्यंत्र थ्योरी" फैलायी।

अनुसंधानकर्ता टिमोथी ग्राहम ने कहा कि साइबर जगत में फैलायी गयी दो षड्यंत्र थ्योरी हैं, उनमें एक है कि बिल गेट्स फाउंडेशन नए कोरोनोवायरस के अनुसंधान को फंड करता है। और दूसरी षड्यंत्र थ्योरी है तथाकथित रासायनिक हथियार। उन में बड़ी मात्रा में "वायरस चीन में बना जैव रासायनिक हथियार होने की षड्यंत्र थ्योरी" को साझा किया जा रहा है। बहुत से अकाउंट ने एक ही सेकंड में समान ट्वीट को रीट्वीट किया जो मानव की कार्यवाही नहीं हो सकती है। साइबर वॉटर आर्मी ने सोशल मीडिया का उपयोग कर संगठित तौर पर अफवाहों और षड्यंत्र थ्योरी को फैलाया, जिस का प्रभाव, आधिकारिक और वैज्ञानिक संस्थाओं द्वारा अफवाहों को दूर करने वाली कोशिशों के प्रभाव से अधिक है।

संयुक्त राष्ट्र संघ का कहना था कि "अविश्वसनीय जानकारी से कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष में वैश्विक एकजुटता को रोका गया है"। उधर ऑस्ट्रेलिया संस्थान की रिपोर्ट ने संयुक्त राष्ट्र संघ के इस कथन का समर्थन किया है।

( हूमिन )

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