किला डिट्रिक जैविक प्रयोगशाला का गुप्त क्या है?
जब नये कोरोना वायरस महामारी विश्व भर में फैलने लगा तब लोगों को यह पता लगा है कि छोटे रोगाणुओं से मानव के स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। महामारी से लोगों को अतीत में हुए जीव प्रयोग का स्मरण होता है और इस तरह मैरीलैंड में स्थित अमेरिकी सैन्य प्रयोगशाला लोकमत का केंद्र बन गया है।
किला डिट्रिक द्वितीय महायुद्ध के दौरान निर्मित किया गया तब यहां का उपयोग, जीवाणु युद्ध पर गुप्त अनुसंधान के लिए एक जैविक अनुसंधान आधार के रूप में किया जाता था। बैक्टीरिया का आतंकवादी प्रहार करने में इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट है कि महायुद्ध के दौरान अमेरिकी सरकार ने यहां से दस लाख एंथ्रेक्स बम खरीद लिये थे।
आज किला डिट्रिक में फिर भी बहुत से उच्च स्तरीय प्रयोगशाला स्थापित हैं, जिनमें अमेरिकी सेना के तहत संक्रामक रोग अनुसंधान संस्थान भी शामिल हैं। वे इबोला वायरस आदि का अनुसंधान कर रहे हैं। पर जुलाई 2019 में सुरक्षा चिंताओं के कारण प्रयोगशाला को बंद करने के बाद किला डिट्रिक में शोध भी खत्म किया गया। अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र ने इन प्रयोगशालाओं में छह स्थानों, जो संघीय नियमों का उल्लंघन करते हैं, का पता लगाया है। उनमें यह चिन्ता भी है कि अपशिष्ट शोधन प्रणाली के कारण रिसाव की घटना घटित हुई।
लेकिन संदेह यह था कि अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र की रिपोर्ट में कुछ भागों को मिटा दिया गया। अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र ने यह दावा किया कि राष्ट्र की सुरक्षा के कारण रिपोर्ट में कुछ भाग गोपनीय रखा गया है। लेकिन किला डिट्रिक जैविक प्रयोगशाला की सुरक्षा के सवाल पर मैरीलैंड की सांसद कैरोल क्रिम ने इस घटना की पार्दर्शिता पर संदेह उठाया। उन्होंने सरकार से इस सवाल पर पार्दशिता बनाये रखने की मांग की।
( हूमिन )