वैश्विक मुख्य मीडिया ने पोम्पेओ का खंडन किया
हाल में चीन और अमेरिका की मुख्य मीडिया संस्थाओं ने समान रूप से अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पेओ का खंडन किया।
विदेश मंत्री बनने के बाद पोम्पेओ ने अप्रैल 2018 से अब तक अमेरिका सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर कुल 1482 खुले बयान जारी किए। इनमें 152 चीन से संबंधित हैं, जिसका अनुपात उनके सभी बयान का एक दसवां है और वर्ष 2000 से एक पांचवां तक पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार पोम्पेओ ने 80 प्रतिशत बयानों में चीन पर हमला किया और कालिख पोती।
अमेरिका में कोविड-19 महामारी मार्च में गंभीर बनी रही। उसके बाद अप्रैल के एक महीने के ही भीतर पोम्पेओ ने चीन पर कालिख पोतने के 28 बयान जारी किए। उद्देश्य है कि महामारी की रोकथाम में अमेरिका सरकार की विफलता चीन को कसूरवार ठहराया जाए।
पोम्पेओ के बयान पर विभिन्न देशों की मीडिया का ध्यान खींचा गया। अमेरिका के वाशिंगटन पोस्ट, सीएनएन, न्यूयॉर्क टाइम्स और पौलिटिको ने क्रमशः पोम्पेओ की आलोचना की। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड, ब्रिटेन के द टाइम्स और फ्रांस के ले पोइंट ने भी रिपोर्ट जारी कर पोम्पेओ के बयान का विरोध किया।
अमेरिकी विदेश मंत्री होने के नाते पोम्पेओ को अपने देश के नागरिकों के स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, न कि चीन पर कालिख पोतना।
(ललिता)