उल्टे-सीधे बयान देने की बजाय महामारी को कंट्रोल करने पर ध्यान दें ट्रंप

अमेरिका में जब से कोविड-19 महामारी का प्रकोप बढ़ा है, राष्ट्रपति ट्रंप हर रोज नए बयान दे रहे हैं। उनके बयानों का दुनिया भर में मज़ाक उड़ाया जा रहा है। लेकिन ट्रंप हैं कि वायरस को नियंत्रित करने पर ध्यान देने के बजाय बयानों की बाज़ीगरी करने में लगे हैं। ऐसा ही एक हास्यास्पद वक्तव्य उन्होंने यह दिया कि इस बात की स्टडी की जानी चाहिए कि क्या कीटाणुनाशकों को शरीर में इंजेक्ट कर कोरोना वायरस का इलाज किया जा सकता है। उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया कि क्या मरीजों के शरीर में अल्ट्रावॉयलेट लाइट इरेडिएट कर इस जानलेवा वायरस को खत्म किया जा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति की अजीबोगरीब सलाह को लेकर लोग सोशल मीडिया पर उनकी खूब खिल्ली उड़ा रहे हैं। वहीं अमेरिका में कोरोना वायरस से अब तक 56 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दस लाख से अधिक संक्रमित हुए हैं।
इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद डोनाल्ड हास्यास्पद बयान देते रहते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट कहती है कि ट्रंप द्वारा मरीजों को कीटनाशक इंजेक्ट किए जाने संबंधी सुझाव दिए जाने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ हैरान और परेशान हैं। कुछ जाने-माने एक्सपर्ट्स ने नागरिकों से अपील की, ऐसे खतरनाक सुझाव पर ध्यान न दिया जाय।
अकसर अपने ट्वीट्स के जरिए विवादों में रहने वाले ट्रंप अन्य मुद्दों पर अचानक कुछ बोल देते हैं। बयान जारी होने के कुछ समय के बाद वे कह देते हैं कि यह तो मज़ाक था। लेकिन जब पूरे देश को वायरस को अपनी चपेट में ले चुका हो। वायरस के चलते हज़ारों लोगों की जान जा रही हो, ऐसे वक्त में इस तरह के बेवकूफी भरे वक्तव्यों से अमेरिका की विश्व में छवि को भी आघात पहुंचेगा। दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति का इस तरह का बयान वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों का मखौल उड़ाना जैसा है।
राष्ट्रपति ट्रंप का वक्तव्य अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्टेशन के कमिश्नर डॉ. स्टीफन हान को भी रास नहीं आया। उन्होंने राष्ट्रपति की आलोचना करते हुए कहा, मैं कभी भी कीटाणुनाशक इंजेक्ट करने की सलाह नहीं दूंगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान का तमाम जाने-माने विशेषज्ञ मज़ाक उड़ा रहे हैं। अब समय आ चुका है ट्रंप अपने विवादास्पद बयानों को लगाम दें और महामारी से निपटने के लिए कुछ ठोस उपाय करें।
(लेखक:अनिल पांडे)