न्यूयार्क टाइम्सः क्यों ट्रम्प महामारी के मुकाबले में विफल हुए हैं

2020-04-14 15:59:47
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हाल में अमेरिकी न्यूयार्क टाइम्स ने एक लेख जारी कर कई भूतपूर्व अमेरिकी राजनेताओं और मौजूदा अधिकारियों के साथ साक्षात्कार और ई-मेल पत्र की रिकॉरडिंग जारी की और महामारी के निपटने की प्रक्रिया में अमेरिकी सरकार के कुछ कामों का पर्दाफाश किया।

रिपोर्ट के मुताबिक हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जानबूझकर कोविड-19 के संकट को गंभीर नहीं बताया, फिर भी अमेरिकी सूचना जगत, राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग और सरकारी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कई बार चेतावनी दी थी।

रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिका में महामारी के फैलाव की प्रक्रिया में ट्रम्प ने 5 अहम वक्त पर निम्न विकल्प चुने।

जनवरी की शुरूआत में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के दफ्तर ने विशेषज्ञों ने कुछ सुझाव पेश किये, जिन में सरकार से कुछ क्षेत्रों पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया गया। लेकिन ट्रम्प सरकार ने इन सुझावों को स्वीकार नहीं किया।

29 जनवरी को ह्वाइट हाउस के व्यापारिक सलाहकार पीटर नावारो ने एक मेमोरेंडम जारी कर कहा कि कोविड-19 संभवतः अमेरिका को बड़ी कीमत दे सकता है। अमेरिका में संभवतः लाखों लोग मरेंगे और खरबों यूएस डॉलर का आर्थिक नुकसान पहुंचेगा। लेकिन ट्रम्प ने इस मेमोरेंडम को पढ़ने से ही इनकार कर दिया।

फरवरी के तीसरे हफ्ते में अमेरिकी वरिष्ठ सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि महामारी के फैलाव को रोकने के लिए और सक्रिय कदम उठाने की आवश्यक्ता है। लेकिन जब अमेरिकी सीडीसी के एक अधिकारी ने खबर जारी की, तो शेयर मार्केट में भारी गिरावट आयी, जिससे ट्रम्प को बहुत गुस्सा आ गया। इसलिए रोकने के कदम नहीं उठाये गये।

जनवरी और फरवरी के बीच कुछ अमेरिकी विद्वानों और चिकित्सकों ने ई-मेल में ट्रम्प सरकार के कदम पर चिंता प्रकट की। उन्होंने आलोचना की कि सरकार के पास पर्याप्त न्यूक्लिक एसिड टेस्ट किट नहीं हैं। लेकिन ट्रम्प सरकार ने तुरंत कार्यवाई भी नहीं की।

मार्च में अमेरिका में महामारी की स्थिति और गंभीर हो गयी, जबकि ह्वाइट हाउस ने महामारी के निपटने में मतभेद दिखाये। ट्रम्प ने कुछ मशहूर निवेशकों से संपर्क किया और उन से स्कूलों को बंद करने और सोशल संपर्क से बचाने आदि कदमों के शेयर बाजार और अर्थतंत्र पर निहित असर के बारे में जानकारी ली। ह्वाइट हाउस की एक बैठक में अमेरिकी वित्त मंत्री ने जोर दिया कि सख्त कदम से अमेरिकी अर्थतंत्र को भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा। फिर भी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि चाहे अमेरिका किस तरह का कदम उठाता, अमेरिकी अर्थतंत्र को भारी क्षति पुहंचायी जा सकेगी।

तो पिछले दो महीनों में और क्या जानकारियों को ट्रम्प ने जानबूझ कर नजरअंदाज किया?न्यूयार्क टाइम्स ने अन्य एक रिपोर्ट में अहम टाइम साईन भी बताया। न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि आर्थिक विकास ट्रम्प द्वारा आम चुनाव में फिर एक बार विजय पाने का आधार है। अमेरिका में शेयर बाजार में भारी गिरावट होने के बाद उन्होंने सरकार के कुछ अधिकारियों पर विश्वास नहीं किया। पूरे फरवरी माह में अमेरिका में कुछ राजनेताओं ने ट्रम्प सरकार से महामारी के निपटने में गलती के कर्तव्य को चीन पर लगाने का प्रयास किया, जिससे महामारी के मुकाबले में चीन और अमेरिका के बीच व्यापक सहयोग की संभावना कम की गयी है। जिसका सीधा परिणाम है अमेरिका के विभिन्न स्थलों में हड़बड़ी पैदा हुई। स्टेट सरकार, स्थानीय सरकार और अस्तपालों ने चढ़बढ़कर चिकित्सक सामग्रियों को खरीदने की कोशिश की। 16 मार्च को ट्रम्प ने आखिरकार सोशल दूरी बनाए रखने का आदेश दिया और कहा कि वे हमेशा कोविड-19 पर बहुत ध्यान देते हैं। उन्होंने जिम्मेदारी को विभिन्न स्टेटों के ऊपर डालने का प्रयास किया। जबकि जनवरी की शुरूआत में सरकार की अंदरुनी रिपोर्ट पेश होने के बाद 2 से अधिक महीने हो चुके हैं। ट्रम्प ने बहुत समय बर्बाद किया है।

(श्याओयांग)

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