अमेरिकी धमकी पर“नहीं” कहना चाहिए

लंदन अर्थशास्त्र स्कूल के दक्षिण एशिया अनुसंधान संस्थान के सुरक्षा विश्लेषक हनानहुसेन ने 13 अप्रैल को चाइना ग्लोबल टीवी नेटवर्क(सीजीटीएन)में जारी एक आलेख में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्डट्रंप और कांग्रेस में चीन के प्रति हॉक्सने विश्व स्वास्थ्य संगठन पर चीन से केंद्रित रहने का आरोप लगाया और विश्व स्वास्थ्य संगठन को पूंजी देना बंद करने की धमकी दी और चीन को बदनाम किया, लेकिन तथ्यों से साबित है कि उन अमेरिकी राजनीतिज्ञों का आरोप निराधार है।अमेरिकी धमकी पर“नहीं” कहना चाहिए।
हुसेन ने कहा कि इस जनवरी में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी कि महामारी का बड़े पैमाने तौर पर फैलने का खतरा है,लेकिन अमेरिकी सरकार ने इसकी अनसुनी की।चीन सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन के बीच आदान-प्रदान के विषय खुले हैं और सांख्यिकी आंकड़े और वास्तविक आंकड़े के बीच अंतर नहीं दिखा।इससे पता चला है कि अमेरिकी सरकार का ऐसा कथन निराधार है कि महामारी के खिलाफ चीन के कदम हद से ज्यादा हैं ।
हुसेन ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रति अमेरिकी सरकार का पक्ष वैश्विक समानता के विरुद्ध है।अमेरिकी सरकार ने महामारी के खिलाफ उल्लेखनीय काम नहीं किया,इसके विपरीत वह वैश्विक समन्वय को बर्बाद कर रही है।उदाहरण के लिए विदेश मंत्री माइकपोम्पियो ने जी7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में कोविड-19 को वुहान वायरस बताया और अमेरिकी सरकार ने यूरोपीय मित्र देशों पर अचानक पर्यटन प्रतिबंध लगाया।वर्तमान में अमेरिका पड़ोसी देशों को सामग्री राहत बंद करने की धमकी दे रहा है और विश्व स्वास्थ्य संगठन की इस चेतावनी से इंकार करता है कि महामारी के खिलाफ अधिक जल्दी से प्रतिबंध हटाने से शायद महामारी दोबारा फैल होगी।
हुसेन ने कहा कि वर्तमान स्थिति में अगर अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन को पूंजी प्रदान करना बंद करेगा,तो सिर्फ उसका दोष सिद्ध होगा। (वेइतुंग)