कोरोनावायरस की आदि किस्म मुख्य तौर पर अमेरिका में देखी गई : ब्रिटिश चिकित्सक विशेषज्ञ

2020-04-13 10:47:01
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ब्रिटिश कैंब्रिज विश्वविद्यालय मेंजेनेटिक्स शास्त्र के प्रोफेसरपीटरफॉर्स्टर ने हाल ही में कहा कि कोरोनावायरस की आदि किस्म अपेक्षाकृत रूप से मुख्य तौर पर संक्रमित अमेरिकी मरीजों में देखी गई है, न कि चीन के वुहान क्षेत्र के मरीजों में। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक कोरोनावायरस दो बार परिवर्तित हो चुका है।

हाल ही में कैंब्रिज विश्वविद्यालय की अध्ययन टीम ने अमेरिकी राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के जर्नल (पीएनएएस) में कोरोनावायरस के स्रोत और उसके बदलाव पर एक पेपर प्रकाशित किया। विश्व में 160 संक्रमितों के वायरस जीन ग्रुप के अध्ययन पर आधारित इस पेपर में कहा गया कि अब तक कोरोनावायरस की ए, बी, सी तीन किस्में हैं।ए किस्म आदि किस्म है,जबकि बी किस्म ए किस्म से परिवर्तित होकर आयी और सी किस्म बी किस्म से परिवर्तित हुई।ए किस्म का वायरस चीन के वुहान के बजाये अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के मरीजों में अधिकतर पाया गया।

कैंब्रिज विश्वविद्यालय की इस अध्ययन टीम के प्रमुख प्रोफेसरपीटरफॉर्स्टर ने चाइना मीडिया ग्रुप के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि कोरोनावायरस की ए किस्म वुहान और पूर्वी एशिया की मुख्य किस्म नहीं है।वहां बहुत ही कम मरीजों में यह किस्म देखी गई। ए किस्म अमेरिका की मूल किस्म हैं।वह सबसे पहले अमेरिका के पश्चिमी समुद्री तटीय क्षेत्रों में उभरा है।अमेरिका में ए किस्म का वायरस बहुसंख्यक है।   

उन्होंने इंटरव्यू में यह भी कहा कि वायरस के जीन ग्रुपों के बीच समय के संबंध के निर्धारण और मानव के बाहर चमगादड़ और चींटीखोर (पैंगोलिन)के अध्ययन से यह तय किया गया कि ए किस्म कोरोनावायरस की सबसे प्रारंभिक किस्म है।

उन्होंने यह भी कहा कि शायद जीरो मरीज का पता कभी नहीं लगाया जा सके, लेकिन हमारे हिसाब के अनुसार पहला संक्रमित मामला 13 सितंबर 2019 के बाद और 9 दिसंबर 2019 के पहले हुआ था।हम इस मामले के निकलने का स्थान तय नहीं कर सकते।(वेइतुंग)

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