डब्ल्यूएचओः अमेरिका ने जिम्मेदारी से बचाने की कोशिश की
हाल में अमेरिकी सरकार ने क्रमशः डब्ल्यूएचओ के खिलाफ बयानबाजी की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ के महामारी के सामने प्रदर्शन की निंदा की और कहा कि डब्ल्यूएचओ हमेशा ही चीन को केंद्र में रखता है। साथ ही अमेरिका के अनेक राजनीतिज्ञों ने भी डब्ल्यूएचओ की आलोचना की। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका ने अमेरिका फर्स्ट का झंडा उठाकर खुद के हितों की खोज करने और अंतर्राष्ट्रीय कर्तव्य से बचाने की पूरी कोशिश की। यह संभवतः अमेरिका के विश्व संगठन से हटने का संकेत होगा।
ट्रम्प ने 10 अप्रैल को कहा कि अमेरिका अगले हफ़्ते डब्ल्यूएचओ से संबंधी एक बयान जारी करेगा और इस संगठन के 50 करोड़ यूएस डॉलर के पूंजी समर्थन को अस्थायी रूप से बंद करेगा। उधर अमेरिकी पलिटिको न्यूज वेबसाइट ने 9 अप्रैल को लेख जारी कर कहा कि रिपब्लिकन पार्टी के सांसद तोद यांग ने डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस को पत्र देकर उन से अमेरिकी कांग्रेस की सुनवाई बैठक में भाग लेने की मांग की, ताकि महामारी के निपटने में डब्ल्यूएचओ की कार्यवाई को समझाएं। उन्होंने पत्र में डब्ल्यूएचओ की निंदा की कि उस ने चीन के महामारी मुकाबला कार्य की पुष्टि की और चीन द्वारा पेश आंकड़े पर निर्भर रहा।
अमेरिका की निराधार निंदा के प्रति डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने 8 अप्रैल को एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में सिलसिलेवार तथ्यों और आंकड़ों का प्रयोग कर पिछले 100 दिनों में डब्ल्यूएचओ के मुख्य कार्य का निचोड़ किया। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने विभिन्न देशों के महामारी मुकाबले कार्य का समर्थन किया और तदनुरुप सामरिक योजना जारी की। डब्ल्यूएचओ ने लोगों को 50 तकनीक गाइडें दी हैं और विश्वसनीय सुझावों से अफवाहों और गलत सूचनाओं का खंडन किया। डब्ल्यूएचओ ने 133 देशों को 20 लाख से अधिक सुरक्षात्मक चिकित्सक सामग्री दी हैं और 126 देशों को 10 लाख से अधिक टेस्ट उपकरण सौंपे हैं। डब्ल्यूएचओ 43 भाषाओं में विश्व के 12 लाख चिकित्सकों का प्रशिक्षण दे चुका है। भविष्य में और करोड़ों लोगों का प्रशिक्षण भी देगा। डब्ल्यूएचओ ने महामारी से संबंधी अनुसंधान में जोर दिया और 90 से अधिक देशों के साथ कारगर उपचार के तरीकों की खोज करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही विश्व के 400 से अधिक अनुसंधानकर्ताओं को इकट्ठा कर वायरस का अध्ययन कर रहा है।
ट्रम्प की निंदा को लेकर टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने कहा कि यदि ट्रम्प और अधिक बॉडी बैगों को नहीं देखना चाहते, तो वायरस का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि डब्ल्यूएचओ हमेशा ही विभिन्न देशों के साथ सहयोग करता रहा है। भविष्य में भी दृढ़ता से विश्व की जनता की सेवा करेगा।
(श्याओयांग)


