अमेरिकी राजनीतिज्ञों के कोविड-19 बताने के तीन स्वर्णिम नियम

2020-04-12 16:43:31
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कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए विश्व को एकजुट होना चाहिए। जबकि अमेरिकी राजनीतिज्ञों ने महामारी के मौके पर चीन को बदनाम कर राजनीतिक लाभ पाने की कोशिश की है। वायरस का राजनीतिकरण करना, जिम्मेदारी से बचना और खुद की छवि को अच्छा बनाना उन द्वारा खुद के हितों के लिए कोविड-19 बताने के तीन स्वर्णिम नियम हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ड्रम्प ने वैज्ञानिकों की चेतावनी को नजरअंदाज कर महामारी के प्रभाव को कम करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि किसी अमेरिकी नागरिक की मौत कोविड-19 से नहीं हुई थी। उन्होंने लोकतंत्र पार्टी के महामारी को राजनीतिक मामला बनाने की निंदा की। ट्रम्प का समर्थन करने वाली अमेरिकी मीडिया संस्थाओं ने लोगों को गुमराह कर कहा कि कोविड-19 का खतरा फ्लू से बड़ा नहीं है। फिर कहा कि वायरस के खतरनाक होने का फैलाव करने का मकसद अमेरिकी अर्थतंत्र पर प्रहार करना है और ट्रम्प के फिर एक बार आम चुनाव में विजय पाने में बाधा डालना है।

महामारी के बिगड़ने के मद्देनजर ट्रम्प सरकार ने खुद की गलतियों को छिपने की कुचेष्टा की। हालांकि विश्व के वैज्ञानिक वायरस का स्रोत ढूंढ रहे हैं, फिर भी ट्रम्प और अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पेओ बार-बार वायरस के नाम से चीन को बदनाम करते रहे हैं। चीन में महामारी के मुकाबले में प्रगति मिली और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और विभिन्न देशों की सरकारों की पुष्टि की गयी है। सख्त अलगाव के कदमों ने वायरस को फैलने से रोकने में कुंजीभूत भूमिका अदा की है। चीन में महामारी का मुकाबले में प्राप्त अनुभव भी विभिन्न देशों को नीति संदर्भ प्रदान करते हैं। डब्ल्यूएचओ और यूएन ने चीन के महामारी मुकाबले की सराहना की। लेकिन अमेरिका ने उपरोक्त बातें नहीं सुनी और अपनी गलतियों को चीन पर थोपने की कुचेष्टा की।

महामारी के विश्व में फैलते समय अमेरिका ने खुद को विश्व में सब से महान मानवतावादी माना। पोम्पेओ ने कहा कि अमेरिका चीन के अंदर और बाहर की स्थिति का आंकलन करने के लिए अनेक काम कर रहा है और अमेरिका कोविड-19 से प्रभावित देशों की मदद दे रहा है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने चीन को भारी मदद दी है और अनेक काम भी किये हैं। जबकि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कंग श्वांग ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में इस की सफाई दी। उन्होंने कहा कि अब तक चीन ने अमेरिका सरकार से आयी कुछ भी पूंजी या मदद प्राप्त नहीं की है।

कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञों और मीडिया ने दुनिया को कोविड-19 के बारे में दूसरी कहानी बताने की कोशिश की। जबकि विश्व महामारी का मुकाबला करने के लिए विश्व के विभिन्न देशों को एकजुट होकर सहयोग करने की जरूरत है।

(श्याओयांग)


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