आईएमएफ:वर्ष 2020 में ग्रेट डिप्रेशन के बाद सबसे खराब आर्थिक स्थिति दिखेगी

2020-04-10 16:33:01
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अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने 9 अप्रैल को कहा कि नये कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव से वर्ष 2020 में विश्व अर्थतंत्र की नकारात्मक वृद्धि नजर आएगी और सन 1930 के दशक से सब से खराब स्थिति दिखती रहेगी।

जॉर्जीवा ने 9 अप्रैल को एक वीडियो भाषण देते हुए कहा कि नये कोरोना वायरस महामारी बिल्कुल अलग संकट है। पर इससे शीघ्रता से सामाजिक और आर्थिक व्यवस्थाओं को हिलाया गया है। केवल तीन महीने पहले आईएमएफ का अनुमान था कि 160 देशों की सकारात्मक वृद्धि हो सकेगी। लेकिन आज का अनुमान है कि कुल 170 देशों की नकारात्मक वृद्धि नजर आएगी। उन्हों ने कहा कि मौजूदा संकट की कोई सीमा नहीं है। विकसित और अविकसित अर्थव्यवस्थाओं को मंदी का मुकाबला करना पड़ेगा। खासकर खुदरा, खानपान, आवास, परिवहन और पर्यटन पर भारी प्रभाव पड़ेगा। कमजोर अर्थव्यवस्थाओं पर सबसे गंभीर प्रहार किया जाएगा। अफ्रीका, लातीन अमेरिका और एशिया के नव उभरती अर्थव्यवस्थाओं की स्थितियां भी गंभीर बनेंगी।

जॉर्जीवा ने आर्थिक बहाली को बढ़ाने के लिए अपनी योजना प्रस्तुत की यानी कि महामारी की रोकथाम करने के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का समर्थन किया जाएगा। बड़े पैमाने पर, समय पर और लक्षित वित्तीय सहायता दी जाएगी और महामारी खत्म होने के बाद आर्थिक बहाली के लिए योजना तैयार की जाएगी। आईएमएफ अपने सदस्यों को नीतिगत, तकनीकी और वित्तीय समर्थन करने को तैयार है। आईएमएफ के पास दस खरब अमेरिकी डालर की ऋण क्षमता प्राप्त है। अभी तक 90 देशों ने इससे वित्तपोषण का अनुरोध पेश किया है। आईएमएफ ने विश्व बैंक के साथ सबसे गरीब देशों की ऋण चुकाने को स्थगित करने की मांग भी की है।

( हूमिन )

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