जनता के जान-अधिकार और स्वास्थ्य अधिकाव की गारंटी दें- चीनी प्रतिनिधि

2020-04-10 16:19:53
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वेरोनिका मिशेल बैचेलेट जेरिया ने 9 अप्रैल को कोरोनावायरस निमोनिया से मानवाधिकार पर प्रभाव वाले मुद्दे को लेकर अनौपचारिक वीडियो सम्मेलन आयोजित किया। संयुक्त राष्ट्र जिनेवा के कार्यालय में और स्विट्जरलैंड में अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में स्थिति चीनी प्रतिनिधि छन श्वी ने सम्मेलन में विभिन्न पक्षों से जनता के जान-अधिकार और स्वास्थ्य अधिकार की गारंटी के लिए एकजुट होने की अपील की।

उन्होंने कहा कि नए कोरोनावायरस निमोनिया की महामारी विश्व में फैल रही है, जिससे जनता की जान सुरक्षा और शारीरिक स्वास्थ्य को बड़ा नुकसान पहुंचा। यह विभिन्न देशों में जनता के जान-अधिकार तथा स्वास्थ्य अधिकार जैसे मानवाधिकार के सामने भारी चुनौती भी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकता के साथ सहयोग मजबूत करना चाहिए, मजबूत मिलन-शक्ति कायम कर अंत तक महामारी को खत्म किया जा सकेगा।

छन श्वी ने महामारी से मानवाधिकार पर पड़े प्रभाव को कम करने के लिए चीन के तीन सुत्रीय सुझावों से अवगत करवाया। पहला, विभिन्न देशों को जनता के जान-अधिकार और शारीरिक स्वास्थ्य की प्रधानता देनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को विकासशील देशों को सहायता देनी चाहिए, संबंधित देश को विकासशील देश पर लगाए एकतरफ़ प्रतिबंध को हटाना चाहिए। दूसरा, विभिन्न देशों को महामारी से आर्थिक सामाजिक विकास पर पड़ी चुनौतियों को महत्व देना चाहिए। जनता के बुनियादी जीवन, उनके आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक अधिकार, विकास अधिकार की गारंटी देनी चाहिए, महिला, बाल, विक्लांग, वृद्ध लोग आदि कमजोर समुदायों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। तीसरा, विभिन्न पक्षों को किसी भी देश को बदनाम करने का विरोध करना चाहिए, सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दे के राजनीतिकरण का विरोध करना चाहिए।

(श्याओ थांग)

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