अमेरिकी मीडियाःट्रंप का चीन से अलग करना घातक परिणाम होगा
अमेरिकी द अटलान्टिक वेबसाइट ने 28 मार्च को अमेरिकी द सिटी युनिवर्सिटी ऑफ़ न्यूयॉर्क के प्रोफेसर पीटर बेनार्ट का एक आलेख जारी किया ,जिस का शीर्षक है कि ट्रंप का चीन से अलग करना घातक परिणाम होगा।
इसमें कहा गया है कि महामारी के समक्ष कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञों और टिप्पणीकारों ने बताया कि अमेरिका को चीन से अलग होना है। लेकिन महामारी ने अमेरिका को यह सबक दिया कि चीन के साथ सहयोग बंद करने की जगह ट्रंप प्रशासन द्वारा तोड़ा गया चीन-अमेरिका सार्वजनिक स्वास्थ्य सहयोग की बहाली करना है।
आलेख में कहा गया सत्ता में आने के बाद ट्रंप ने पेइचिंग स्थित अमेरिकी बीमारी रोकथाम और नियंत्रण केंद्र और सरकारी स्वास्थ्य अकादमी के कर्मचारियों की संख्या घटायी। अमेरिकी राष्ट्रीय वैज्ञानिक कोष संघ ने चीन स्थित कार्यालय को बंद किया।
आलेख में कहा गया कि पूरे अमेरिका में कोविड-19 महामारी फैल रही है। वॉशिंगटन और पेइचिंग के बीच सहयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अब चीन यूरोप को बड़ी संख्या में संरक्षण सामग्री भेज रहा है। अमेरिकी चिकित्सकों को मास्क ,दस्ताने ,संरक्षण कपड़े और थर्मोमीटर की ज़रूरत भी है।
आलेख में कहा गया कि महामारी से ट्रंप के विश्वदर्शन से विपरीत दो तथ्य सामने आते हैं ।पहला ,वैश्विक सहयोग अच्छे ढंग से अमेरिकियों की सुरक्षा करेगा ।दूसरा ,महामारी के बीच चीनी कारखाना वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य का हथियार भंडारण बनेगा।
(वेइतुंग)


