इटली को संक्रमण के स्रोत का नियंत्रण करना चाहिये:चीनी विशेषज्ञ दल

2020-03-23 17:22:30
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हाल ही में इटली में कोविड-19 के पुष्ट मामलों की तेज वृद्धि पर विश्व का ध्यान केंद्रित हुआ है। 22 मार्च की रात को छह बजे तक इटली में कोविड-19 के पुष्ट मामलों की संख्या 59138 तक पहुंच गयी। मृत मामलों की कुल संख्या 5476 तक पहुंच चुकी है। हाल के नौ दिनों में हर दिन नये पुष्ट मामले तीन हजार से अधिक हैं। इटली में महामारी की स्थिति बहुत गंभीर है।

इस महत्वपूर्ण क्षण पर चीन ने इटली को सहायता दी। चीन ने क्रमशः दो चिकित्सा विशेषज्ञ दल इटली भेजे। उन में चच्यांग प्रांत द्वारा संगठित दूसरा चिकित्सा विशेषज्ञ दल 18 मार्च को मिलान पहुंचा। 22 मार्च को विशेषज्ञ दल के अध्यक्ष, चच्यांग विश्वविद्यालय के चिकित्सा कॉलेज के अधीन प्रथम अस्पताल के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रोफ़ेसर छो यूनछिंग ने चाइना मीडिया ग्रुप के संवाददाता को इन्टरव्यू देते समय हाल ही में इटली की महामारी की स्थिति, विशेषज्ञ दल के कार्य में प्राप्त प्रगति, और इटली में महामारी की रोकथाम व चिकित्सा से जुड़े सुझाव आदि प्रश्नों के जवाब दिये।

छो यूनछिंग के अनुसार मिलान पहुंचते ही दल ने जल्द ही काम करना शुरू किया। एक तरफ़ विशेषज्ञ दल ने महामारी की स्थिति को जानने के लिये इटली की सरकारी स्वास्थ्य विभाग के साथ आदान-प्रदान किया। दूसरी तरफ़, दल ने बुनियादी चिकित्सा संस्थाओं, समुदायों व उद्यमों का दौरा किया, और वहां महामारी की रोकथाम व चिकित्सा की स्थिति को जाना।

लोम्बार्डी क्षेत्र के सरकारी स्वास्थ्य प्रबंध विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ आदान-प्रदान संबंधी बैठक में चीनी विशेषज्ञ दल ने ये सुझाव पेश किये हैं कि दोनों ओर के विशेषज्ञों को नैदानिक उपचार दल और महामारी की रोकथाम व नियंत्रण दल दो भागों में बांटा जाना चाहिये। ताकि संबंधित काम और लक्षित व कारगर रूप से किया जा सके। चीनी विशेषज्ञ के विचार में अब इटली के समुदायों में महामारी की रोकथाम करने की मुख्य समस्या यह है कि लोगों के मास्क पहनने के बिना इकट्ठे होने की स्थिति अभी भी मौजूद है। ऐसी स्थिति में लोगों के बीच संक्रमण की रोकथाम बहुत मुश्किल होगी।

बड़ी खेप वाली चिकित्सा सामग्री के अलावा चीनी विशेषज्ञ दल ने इटली को व्यापक अनुभव भी दिए हैं। विशेषज्ञ दल ने सब से पहले इटली सरकार द्वारा लागू किये गये सिलसिलेवार कदमों की पुष्टि की। साथ ही दल ने बल देकर कहा कि केवल लोगों की तरलता पर प्रतिबंध लगाने से महामारी के फैलाव को बंद किया जा सकेगा। क्योंकि संक्रमण का स्रोत नल जैसा है। अगर इसे बंद नहीं किया गया, तो महामारी की रोकथाम नहीं हो पाएगी।

चंद्रिमा

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