डब्ल्यूएचओ महानिदेशक: फ्रंट-लाइन चिकित्साकर्मियों की स्थिति से चिंतित हैं
विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ) ने 14 फरवरी को जेनेवा में नए कोरोनोवायरस निमोनिया के प्रकोप पर मीडिया ब्रीफिंग की। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य(डीआरसी)का दौरा कर रहे डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने इंटरनेट के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
टेड्रोस ने उसी दिन कहा, सभी दलों ने नोवल कोरोनोवायरस निमोनिया के प्रकोप के खिलाफ उपाय किए हैं और प्रासंगिक प्रगति हासिल हुई है।
टेड्रोस ने कहा कि नए कोरोनरी निमोनिया मामलों के निदान की पुष्टि करने के लिए हुबेई प्रांत ने नैदानिक निदान का उपयोग करने की पुष्टि की , जिससे मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन यह महामारी के विकास में एक बड़े बदलाव होने का प्रतिनिधित्व नहीं है। जैसा कि आगे निश्चित नैदानिक निदान विधियां पाई जाती हैं, नए कोरोनरी निमोनिया का मामला डेटा अधिक स्पष्ट हो जाएगा।
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के उप निदेशक ज़ेंग यीशीन के मुताबिक,11 फरवरी के 24 बजे तक, चीन के चिकित्सा कर्मियों में कुल 1,716 संक्रमण मामलों की पुष्टि की गयी है, जिनमें से 6 की मौत हो गई। टेड्रोस ने इसके तहत कहा कि वे महामारी के मुकाबला में चीनी चिकित्सा कर्मचारियों के संक्रमण के बारे में बहुत चिंतित हैं। इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ नैदानिक चिकित्साकर्मियों को सुरक्षात्मक उपकरण को प्राथमिकता देने के लिये कड़ी मेहनत कर रहा है।
टेड्रोस ने अपने भाषण में यह भी बताया कि डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञ टीम और चीनी विशेषज्ञों ने एक साथ अपने कार्यक्षेत्र और मिशन के उद्देश्यों के संदर्भ में अच्छी प्रगति की है, और विशेषज्ञ समूह के शेष सदस्य आगे के काम बढ़ाने के लिये भी चीन आएंगे।
अंत में, टेड्रोस ने एक बार फिर महामारी की रोकथाम और नियंत्रण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, अब एकजुट होने का समय है, कलंक और भेदभाव का समय नहीं है। "
अंजली