मिस्र में चीनी राजदूत ने हांगकांग और शिन्च्यांग मुद्दे पर चीन की स्थिति स्पष्ट की
मिस्र में चीन के राजदूत ल्याओ ली छांग ने 5 दिसंबर को काहिरा में हांगकांग और शिनच्यांग के मुद्दे पर चीन की स्थिति को विस्तृत करने के लिए एक संवाददाता सम्मेलन बुलाया। मिस्र के एक दर्जन से अधिक मुख्य मीडिया, विशेषज्ञ,विद्वान और मिस्र में चीनी मीडिया संवाददाताओं ने इसमें भाग लिया
हांगकांग मुद्दे के बारे में, ल्याओ ली छांग ने कहा कि हांगकांग मुद्दे में एक मौलिक सिद्धांत और दो बुनियादी तथ्य हैं। एक मौलिक सिद्धांत यह है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत, कोई भी देश दूसरे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। हांगकांग का मामले चीन का आंतरिक मामला है, किसी भी देश को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। दो बुनियादी तथ्य, एक यह है कि हांगकांग में जो कुछ भी हो रहा है वह शांतिपूर्ण परेड नहीं है, बल्कि 100 फीसदी सड़क हिंसा है; और दूसरा यह है कि कुछ विदेशी मीडिया, जिनमें कुछ पश्चिमी मीडिया भी शामिल हैं, बुनियादी तथ्यों की अनदेखी कर काले और सफेद को उलट देती हैं, जिन्होंने लोकतंत्र समर्थक अभियान के रूप में हांगकांग की सड़क हिंसा को सुशोभित किया और हिंसा के रूप में पुलिस की कार्रवाई को धब्बा बनाया। ल्याओ ली छांग ने कहा, अमेरिका ने हाल ही में चीन के मजबूत विपक्ष की अवहेलना कर चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया। इसने अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन किया है।चीन सरकार और लोग दृढ़ता से इसका विरोध करते हैं।
शिनच्यांग मुद्दे के बारे में, ल्याओ ली छांग ने कहा,शिनच्यांग से संबंधित मुद्दे मानवाधिकार, राष्ट्रीयता या धर्म नहीं हैं, बल्कि आतंकवाद-रोधी और धर्म-विरोधी के मामले हैं। सबसे पहले, चीनी सरकार हमेशा शिनच्यांग की स्थिरता और विकास पर महत्व देता है और शिनच्यांग के धर्म और संस्कृति की रक्षा करती रही है। दूसरा, शिनच्यांग में सभी जातीय समूह के लोगों ने पिछले दो दशकों में चरमपंथ और आतंकवाद का सामना किया है, जिससे हजारों निर्दोष हताहत हुए हैं और सभी जातीय समूहों के लोगों के बुनियादी मानवाधिकारों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। तीसरा यह है कि चीन ने हाल के वर्षों में शिनच्यांग में जो उपाय किए हैं, वे स्रोत से चरमपंथ और आतंकवाद के प्रकोप को रोक सकते हैं। यह न केवल चीनी कानून के अनुरूप है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित एक सामान्य विचार भी है। चौथा, शिनच्यांग में स्थापित व्यावसायिक कौशल शिक्षा व प्रशिक्षण केंद्र एक स्कूल है जो कुछ लोगों को चरम सीमाओं और आतंकवाद के प्रभाव से छुटकारा पाने में मदद करता है और उनके व्यावसायिक कौशल में सुधार करता है। यह कोई "एकाग्रता शिविर" नहीं है।
अमेरिकी संसद ने 3 दिसंबर को तथाकथित "2019 उइगर मानवाधिकार अधिनियम" पारित किया, जिसने चीन के शिनच्यांग में मानवाधिकारों की स्थिति को जानबूझकर खारिज कर दिया। चीन दृढ़ता से इसका विरोध करता है।
अंजली


