शी चिनफिंग ने ब्रिक्स देशों की 11वीं शिखर बैठक में भाग लिया

2019-11-15 09:39:58
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14 नवंबर को ब्रिक्स देशों की 11वीं शिखर बैठक ब्राज़ील की राजधानी ब्रासीरिया में आयोजित हुई। ब्राज़ीली राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो ने इसकी अध्यक्षता की। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति मातमेला सिरिल रामफौसा इस बैठक में उपस्थित हुए। पाँच देशों के नेताओं ने उन्नत भविष्य और आर्थिक विकास से केंद्रित रहकर ब्रिक्स देशों के सहयोग और समान चिंता वाले महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहराई से रायों का आदान-प्रदान किया और व्यापक समानताएं बनायीं।

शी चिनफिंग ने समान कोशिश कर सहयोग का नया अध्याय विषय पर भाषण दिया। उन्होंने बल देते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों को अपनी जिम्मेदारी उठाकर बहुपक्षवाद की वकालत और कार्यांवयन करना चाहिए ताकि शांति और स्थिरता वाला सुरक्षा वातावरण तैयार किया जाए। ब्रिक्श देशों को सुधार और सृजन का युंगातर मौका पकड़कर गहराई से ब्रिक्स देशों की नयी औद्योगिक क्रांति साझेदारी बढ़ानी चाहिए। ब्रिक्स देशों को एक दूसरे से सीखने और निरंतर सांस्कृतिक आदान-प्रदान का विस्तार करना चाहिए। चीन वैदेशिक खुलेपन पर कायम रहकर बेल्ट एंड रोड के गुणवत्ता निर्माण को बढ़ाएगा और एशिया-प्रशांत क्षेत्र और मानव समुदाय के साझे भविष्य के निर्माण को बढ़ाएगा।

शी चिनफिंग ने अपने भाषण में कहा कि नवोदित बाज़ार देशों और विकासशील देशों के पुनरुत्थान का रुझान नहीं घुमाया जा सकता, जो वैश्विक आर्थिक प्रशासन व्यवस्था में मज़बूत शक्ति डालता है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि चीन वस्तु और सेवा का आयात बढ़ाएगा, विदेशी पूंजी के दाखिले का विस्तार करेगा और बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण को मज़बूत बनाएगा ताकि चौतरफा खुलेपन की नयी स्थिति बने।

उस दिन ब्रिक्स देशों के नेताओं ने बंद द्वार बैठक भी की। शी चिनफिंग ने भाषण देते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों की एकता और सहयोग मानव समुदाय के विकास और अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति के परिवर्तन के रुझान से मेल खाता है। ब्रिक्स देशों का विकास बुनियादी तौर पर अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक परिस्थिति बदल रहा है। बहुपक्षवाद का प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए। शी चिनफिंग ने कहा कि विकास और समृद्धि पूरा करने के लिए सबसे पहले स्थिरता बनाए रखा जाना है। ब्रिक्स देशों को रणनीतिक संपर्क मज़बूत कर मिलजुल कर चुनौतियों और खतरों का निपटारा करना और दृढ़ता से राष्ट्रीय प्रभुसत्ता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करनी चाहिए।

बोल्सनारो, पुतिन, मोदी और रामफौसा ने बताया कि वर्तमान स्थिति में अस्थिर और अनिश्चित तत्व बढ़ रहे हैं। संरक्षणवाद और एकतरफावाद का फैलाव विभिन्न देशों के प्रभुसत्ता और सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है। ब्रिक्श देशों को रणनीतिक साझेदारी की भावना के मुताबिक संपर्क मजबूत कर संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था ,निष्पक्ष ,पारदर्शी व खुली बहुपक्षीय व्यापार तंत्र की सुरक्षा करने के साथ नवोदित बाजार देशों और विकासशील देशों के समान हितों की रक्षा करनी चाहिए ।ब्रिक्स देशों को अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक सुरक्षा और स्थिरता के लिए अधिक बड़ी भूमिका निभानी चाहिए। विभिन्न देशों को अधिक कदम उठाकर आपसी व्यापार व निवेश का विस्तार करना और नवोचार ,डिजिटल अर्थव्यवस्था ,ऊर्जा ,वित्त ,पारस्परिक संपर्क तथा जैविक विविधता में सहयोग बढ़ाना और सांस्कृतिक आदान प्रदान मजबूत करना चाहिए ।

पाँच देशों के नेता इसबात पर राज़ी हुए कि वे मिलकर ब्रिक्स सहयोग तंत्र को मज़बूत बनाएंगे और समान विकास और समृद्धि को पूरा करेंगे।

इस बैठक ने ब्रिक्स देशों के नेताओं की 11वीं बैठक पर ब्रासीरिया घोषणा पत्र जारी किया।

(वेइतुंग)


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