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ओसाका:चीनी और अमेरिकी राष्ट्रपतियों की बीच भेंटवार्ता हुई

2019-06-29 14:52:02
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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 29 जून को जापान के ओसाका शहर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ भेंट वार्ता की। दोनों नेताओं ने चीन-अमेरिका संबंध के विकास से जुड़े मूल मुद्दों, वर्तमान चीन-अमेरिका आर्थिक व्यापारिक घर्षण और समान रुचि वाले अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया और अगले चरण में द्विपक्षीय संबंध के विकास के लिए दिशा बनाई। उन्होंने समन्वय, सहयोग और स्थिर चीन-अमेरिका संबंध को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

भेंटवार्ता में शी चिनफिंग ने कहा कि वे ओसाका में राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच हुई मुलाकात को लेकर बहुत खुश हैं। साल 1971 में यहां से 100 किलोमीटर दूर के नागोया में 31वें विश्व टेबल टेनिस चैम्पियनशिप में भाग लेने वाले चीनी और अमेरिकी टेबल टेनिस खिलाड़ियों के बीच मित्रवत इंटरएक्टिव किया गया। यह बाद में लोगों के जुबान पर“टेबल टेनिस कूटनीति”की शुरुआत थी, और“छोटी गेंद से बड़ी गेंद का चक्र लगवाए जाने”की ऐतिहासिक कहानी उत्पन्न हुई। इसके आठ साल बाद यानी 1979 में चीन और अमेरिका के बीच कूटनीतिक संबंध स्थापित किया गया।

शी चिनफिंग ने कहा कि चीन-अमेरिका संबंध विश्व में सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में से एक है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध की स्थापना के बाद पिछले 40 सालों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति और चीन-अमेरिका संबंध में बड़ा परिवर्तन आया है, लेकिन बुनियादी तथ्य में कोई बदलाव नहीं हुआ। यानी कि चीन-अमेरिका सहयोग दोनों पक्षों के हितों से मेल खाता है, और चीन-अमेरिका संघर्ष दोनों को ही नुकसान पहुंचाता है। घर्षण से सहयोग अच्छा है और संघर्ष से वार्ता अच्छी है। वर्तमान में चीन-अमेरिका संबंध के सामने कुछ मुसिबतें आईं, यह दोनों पक्षों के हितों के अनुकूल नहीं है। हालांकि चीन और अमेरिका के बीच कुछ मतभेद मौजूद है, लेकिन द्विपक्षीय हित बहुत मिश्रित है और सहयोग का दायरा विशाल है। इस तरह दोनों देशों को मुठभेड़ व संघर्ष के जाल में नहीं फंसना चाहिए। दोनों को एक दूसरे के संवर्धन और समान विकास करना चाहिए। हमें सही दिशा को पकड़ना चाहिए। मुझे और राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा तय किए गए सिद्धांत और दिशा के अनुसार विभिन्न स्तरीय आवाजाही और सहयोग को मजबूत करना चाहिए, ताकि समन्वय, सहयोग और स्थिर चीन-अमेरिका संबंध को आगे बढ़ाया जा सके।

भेंट वार्ता में ट्रम्प ने कहा कि राष्ट्रपति शी के साथ एक बार फिर मुलाकात करने को लेकर मैं खुश हूँ। साल 2017 की चीन यात्रा के प्रति मुझे गहरी याद है। यात्रा के दौरान मैंने चीनी राष्ट्र की अद्भुत सभ्यता और चीन द्वारा प्राप्त शानदार उपलब्धियों को देखा। चीन के प्रति मेरा कोई शत्रुतापूर्ण इरादा नहीं है। मुझे आशा है कि द्विपक्षीय संबंध अच्छे से अच्छा होगा। मैं राष्ट्रपति शी के बीच बेहतर संबंध कायम रखने को मूल्यवान समझता हूँ और चीन के साथ सहयोग को मजबूत करना चाहता है।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका चीन के साथ दोनों देशों के शीर्ष नेताओं द्वारा निश्चित सिद्धांत और दिशा के अनुसार काम करने की कोशिश करेगा, समान रुप से समन्वय, सहयोग और स्थिर चीन-अमेरिका संबंध को आगे बढ़ाएगा। उन्हें विश्वास है कि अमेरिका और चीन के शीर्ष नेताओं की मौजूदा भेंट वार्ता से अमेरिका-चीन संबंध को जबरदस्त रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

आर्थिक व्यापारिक मुद्दे को लेकर शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच आर्थिक व्यापारिक सहयोग का मूल आपसी हित और उभय जीत है। दोनों पक्षों के बीच बहुत मिश्रित हित मौजूद हैं। दोनों देशों को अच्छे सहयोगी साझेदार बनना चाहिए। यह चीन, अमेरिका और सारी दुनिया के हितों से मेल खाता है। चीन के पास अमेरिका के साथ वार्ता जारी करने की सदिच्छा है, ताकि मतभेदों का प्रबंधन और नियंत्रण किया जा सके। लेकिन वार्ता समानता पर आधारित होनी चाहिए, एक दूसरे का सम्मान किया जाना जरूरी है। इसके साथ एक दूसरे की चिंताओं का समाधान भी किया जाना चाहिए। चीन अपनी प्रभूसत्ता और गरिमा से संबंधित मुद्दे पर अपने मूल हितों की रक्षा करता है। विश्व में दो बड़े आर्थिक समुदाय होने के नाते चीन और अमेरिका के बीच मौजूद मतभेद के समाधान वार्ता और विचार विमर्श के माध्यम से किया जाना चाहिए, ताकि दोनों को स्वीकृत उपाय मिल सके।

शी चिनफिंग ने बल देते हुए कहा कि चीन को आशा है कि अमेरिका चीनी उद्यमों और अमेरिका में अध्ययन करने वाले चीनी विद्यार्थियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करेगा, ताकि दोनों देशों के उद्यमों के बीच आर्थिक व्यापारिक निवेश का सामान्य सहयोग और जनता के बीच सामान्य आदान-प्रदान की गारंटी दी जा सके।

भेंट वार्ता में शी चिनफिंग और ट्रम्प ने चीन और अमेरिका के बीच समानता और आपसी सम्मान के आधार पर आर्थिक व्यापारिक वार्ता पुनः शुरु करने की सहमति जताई। अमेरिका ने कहा कि चीन के निर्यातित वस्तुओं पर नए टैरिफ़ नहीं बढ़ाएगा। दोनों देशों के आर्थिक व्यापारिक दल ठोस मुद्दों पर विचार विमर्श करेंगे। 

भेंट वार्ता में शी चिनफिंग ने थाईवान मुद्दे पर चीन के सैद्धांतिक रुख की व्याख्या की। ट्रम्प ने कहा कि का वे थाईवान मसले पर चीन की चिंता को महत्व देते हैं और अमेरिका एक चीन की नीति का लगातार पालन करता रहेगा।

कोरियाई प्रायद्वीप मुद्दे को लेकर शी चिनफिंग ने चीन का सैद्धांतिक रुख भी जताया और कहा कि चीन अमेरिका व डीपीआरके के शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत और संपर्क कायम रखने का समर्थक है। आशा है कि दोनों पक्ष लचीलापन दिखाते हुए एक ही दिशा में आगे बढ़ेंगे, शीघ्र ही वार्ता को पुनः शुरु करेंगे और एक दूसरे की चिंताओं को दूर करने के उपाय ढूंढेंगे। चीन इसके लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है। वहीं ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका कोरियाई प्रायद्वीप मसले पर चीन की अहम भूमिका को महत्व देता है और चीन के साथ संपर्क और समन्वय कायम रखना चाहता है।

(श्याओ थांग)

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