यूएन में चीन ने विकलांगों के गरीबी उन्मूलन अनुभव का परिचय दिया

2019-06-12 14:02:16
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11 जून को संयुक्त राष्ट्र संघ स्थित स्थायी प्रतिनिधिमंडल, संयुक्त राष्ट्र संघ स्थित यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक व सामाजिक मामलों के कार्यालय ने न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय में विकलांगों के गरीबी उन्मूलन संबंधी संगोष्ठी का आयोजन किया। इस मौके पर चीनी प्रतिनिधि ने इस क्षेत्र में चीन द्वारा प्राप्त उपलब्धियों व अनुभवों का परिचय दिया।

11 से 13 जून तक विकलांगों के अधिकारियों की संधि के संस्थापक देशों के सम्मेलन की 12वीं बैठक न्यूयार्क में आयोजित हुई। तीन दिवसीय बैठक में निरंतर परिवर्तित दुनिया में विकलांगों को मदद देने के मुद्दे पर विचार विमर्श किया गया। 11 जून को चीन, संयुक्त राष्ट्र संघ स्थित यूरोपीय प्रतिनिधि मंडल और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक व सामाजिक मामलों के कार्यालय ने विकलांगों के गरीबी उन्मूलन पर संगोष्ठी का आयोजन किया। लोगों ने विकलांगों को किस तरह गरीबी से छुटकारा दिलाया जाए और 2030 अनवरत विकास के लक्ष्य को साकार करने आदि मुद्दों पर विचार विमर्श किया। ब्रिटेन, इटली, ग्रीस, केनिया और भारत आदि 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, विकलांग क्षेत्र के एनजीओ समेत करीब 100 प्रतिनिधियों ने संगोष्ठी में हिस्सा लिया।

संयुक्त राष्ट्र संघ स्थित स्थायी चीनी प्रतिनिधि मा चाओश्वु ने संगोष्ठी में कहा कि गरीबी उन्मूलन संयुक्त राष्ट्र संघ के 2030 अनवरत विकास कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य है। विकलांगों को मदद देना एक अहम अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा है, जिसे विभिन्न पक्षों को ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विकलांग मानव जाति के बड़े परिवार में समान सदस्य हैं, लेकिन गरीबी उन्मूलन में विशेष कठिनाइयां हैं। विकलांगों के गरीबी उन्मूलन अनवरत विकास के विकास लक्ष्य को साकार करने के लिए अति महत्वपूर्ण है। इसलिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को सहयोग को मजबूत कर हाथ मिलकर गरीबी का उन्मलून करना चाहिए और मानव साझे भाग्य वाले समुदाय की रचना करनी चाहिए।

मा ने इस क्षेत्र में चीन द्वारा प्राप्त प्रगतियों का परिचय भी दिया। उन्होंने कहा कि चीन में 8.5 करोड़ से अधिक विकलांग हैं, जो विश्व में सब से अधिक विकलांग होने वाला देश है। चीन सरकार विकलांगों को बड़ा महत्व देती है और उन्हें सामाजिक गारंटी, स्वास्थ्य सेवा, देख-भाल आदि क्षेत्रों में व्यापक पूंजी दी और उन की खास मांग को पूरा करने की कोशिश की। चीन में सुधार व खुलेपन की नीति के लागू होने के पिछले 40 से अधिक सालों में चीन की ग्रामीण गरीब आबादी की संख्या 11 करोड़ से 1.66 करोड़ तक कम की गयी है। विश्व गरीबी उन्मूलन कार्य में चीन की योगदान दर 40 प्रतिशत से अधिक है। साथ ही चीन खुद की गरीबी को मिटाने के साथ साथ व्यापक विकासशील देशों खास तौर पर अति अविकसित देशों के गरीबी उन्मूलन कार्य की भी मदद देता है। बेल्ट एंड रोड पहल के कार्यान्वयन से गरीबी उन्मूलन कार्य का अहम अर्थ होता है। हाल में बेल्ट एंड रोड उच्च गुणवत्ता वाले विकास के चरण में प्रवेश कर चुका है। वह इस से जुड़े विभिन्न देशों की गरीबी से छुटकारा पाने और 2030 अनवरत विकास के लक्ष्य को साकार करने के लिए यथार्थ योगदान दे सकेगा।

(श्याओयांग)




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