संरक्षणवादी व्यवहार का वैश्विक श्रम बाजार और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है

2019-06-12 10:56:01
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कुछ देशों द्वारा उठाए गए संरक्षणवादी कदम का वैश्विक श्रम बाजार और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रूसी प्रधानमंत्री दिमित्री मेद्वेदेव ने 11 जून को जिनेवा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में जोर देते हुए यह बात कही।

मेद्वेदेव ने कहा कि वर्तमान में लोग वैश्वीकरण की दुनिया में रहते हैं। श्रम संबंधों के प्रबंधन के लिए भी सामान्य नियमों की स्थापना की आवश्यकता होती है। लेकिन अवैध प्रतिबंध, संरक्षणवाद, व्यापार युद्ध, डेटा प्रवाह में बाधाएं जैसे व्यवहार का वैश्विक श्रम बाज़ार और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्र में कुछ देशों का व्यवहार बहुत आक्रामक होता जा रहा है। इस पृष्ठभूमि में पिछले कुछ दशकों में स्थापित की गयी विश्व व्यवस्था को खतरों का सामना करना पड़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय संबंध की वास्तुकला भी बहुत नाजुक हो गयी है।

मेदवेदेव ने जोर देते हुए कहा कि रूस खुलेपन के सिद्धांत पर देश के हित और एक दूसरे के बीच सहयोग का सम्मान करता है।

(वनिता)

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