टिप्पणीः अटलांटिक महासागर पारीय संबंधों में दरार दिन ब दिन चौड़ी

2019-03-12 11:39:19
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

इधर के दिनों में अमेरिका और यूरोप की मीडिया ने खबर देकर कहा कि यूरोपीय संघ अमेरिकी पर्यटकों को मुक्त वीजा की इजाजत नहीं देगा। इस पर यूरोपीय संघ ने इस अफ़वाह का खंडन कर कहा कि यह बिलकुल मीडिया की गलत समझ है। यूरोप द्वारा अमेरिकी नागरिकों से 2021 से यूरोपीय शेंगेन क्षेत्र जाने के लिए ईटीआईएस का आवेदन देने की मांग अमेरिका समेत अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की एक नियमित जांच है। जिसका मकसद गैरकानूनी आप्रवासियों और आतंकवाद के खतरे से निपटना है। जबकि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी वक्तव्य जारी कर जोर दिया कि किसी भी देश को अपने देश में प्रवेश करने के मापदंड बनाने का अधिकार है।

इसलिए यूरोपीय संघ द्वारा लागू की जाने वाली ईटीआईएस व्यवस्था वास्तव में अमेरिका की ईएसटीए सिस्टम से बराबर है, जिसमें मुख्यतः देश की सुरक्षा पर ख्याल कर बगैर वीजा के लोगों के देश में प्रवेश करते समय पंजीकरण करने की मांग की जाती है। लेकिन ईटीआईएस से प्रभावित करीब 60 देशों के नागरिक हैं, क्यों सिर्फ अमेरिकी नागरिकों के बर्ताव पर लोगों का ज्यादा ध्यान गया? निसंदेह अमेरिका और यूरोप के बीच दरार बढ़ने के साथ साथ किसी भी छोटी गलतफहमी से संभवतः बड़ा तूफान आ सकता है। अटलांटिक महासागर पारीय संबंध जटिल बन रहे हैं।

इधर के दो सालों में अमेरिका और यूरोप ने व्यापारिक नीति, नाटो की सुरक्षा, यूरोपीय एकीकरण, शरणार्थियों व प्रवासियों की नीति और वैश्विक प्रशासन आदि क्षेत्रों में गतिरोध व मतभेद नज़र आये हैं, कई बार खुली और तीव्र मुठभेड़ भी पैदा हुई थी। उदाहरण के लिए अमेरिका सरकार ने नाटो के गठबंधन देशों की शिकायत की कि उन्होंने रक्षा सहयोग में कम पैसे लगाए हैं। अमेरिका ने उनसे इस साल के अंत में फौजी खर्च को बढ़ाने की मांग की। उधर, अमेरिका पर निर्भरता से छुटकारा पाने के लिए फ्रांसिसी राष्ट्रपति और जर्मनी की चांसलर ने क्रमशः एक सच्ची यूरोपीय सेना का गठन करने का सुझाव पेश किया।

व्यापार क्षेत्र में गत वर्ष के 1 जून को यूरोपीय संघ से आयातित इस्पात और एल्यूमीनियम की टैरिफ बढ़ाने की नीति लागू होने के बाद अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने इस फरवरी में मोटर गाड़ी के आयात की जांच करने की रिपोर्ट भी पेश की। जिस में यूरोपीय संघ से आयातित मोटर वाहनों पर 25 प्रतिशत टैरिफ बढ़ाने का सुझाव पेश किया गया। यूरोपीय संघ ने तीव्र प्रतिक्रिया दी और अमेरिका की निंदा की। यूरोपीय संघ ने कहा कि वह बदले में कदम उठाएगा।

इस के अलावा अमेरिका पेरिस मौसम समझौते और ईरानी न्यूक्लियर समझौते से हट गया, जिसने यूरोपीय संघ के हमेशा के सैद्धांतिक रुख और राष्ट्रीय हितों का उल्लंघन किया है। ईरान के खिलाफ अमेरिका के प्रतिबंध से बचाने के लिए हाल में यूरोपीय संघ ने एक नये भुगतान तरीके की स्थापना करने की घोषणा की।

अटलांटिक महासागर पारीय संबंधों की स्थापना के करीब 70 साल हो चुके हैं। दोनों पक्षों ने समान मूल्य विचारधारा से गौरव महसूस किया था, लेकिन अब उन के बीच घाटा बड़ा हो रहा है और दरार चौड़ी हो रही है। हाल में अंतर्राष्ट्रीय शक्ति में गहरा परिवर्तन आए हैं। नवोदित बाजार देशों और विकासमान देशों के तेज विकास से उन का अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव निरंतर मजबूत होता रहा है। विश्व भौतिक राजनीतिक केंद्र भी पूर्व की ओर स्थानांतरित किया जा रहा है। नयी परिस्थिति के मद्देनजर अमेरिका भूमंडलीकरण से पीछा छुटाने लगा है और अमेरिका फर्स्ट पर जोर देने लगा है। जबकि यूरोपीय संघ का मानना है कि द्वितीय युद्ध के बाद पैदा हुई बहुपक्षीयवादी व्यवस्था खुद के हित से मेल खाती है, इसलिए इस की रक्षा की जानी चाहिए। यूरोपीय संघ के लिए अटलांटिक महासागर पारीय संबंध महत्वपूर्ण हैं और भविष्य में भी इस की रक्षा की जाने की आवश्यकता है। लेकिन संबंधों की रक्षा के लिए रियायत के बजाए आत्मनिर्भरता की जरूरत है। जैसे कि जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा था, यदि हम खुद की रक्षा करना चाहते हैं तो यूरोप को भाग्य को अपने हाथों में लेना होगा।

(श्याओयांग)

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories