34वां वॉरसॉ फिल्म महोत्सव संपन्न, चीनी फिल्मों से मिला बढ़ावा सांस्कृतिक आदान-प्रदान

2018-10-22 13:07:27
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फिल्म 《आउट ऑफ़ क्राइम्स》के निर्देशक त्सो च क्वो (पहला, बायं), फिल्म《द फॉल》के निर्देशक चोउ लीतोंग (दूसरा, बायं), फिल्म《फ़ेडिंग मांउटेन्स》के निर्देशक छ्वी य्वीशी (चौथा, बायं) और पोलैंड स्थित चीनी दूतासाव की सांस्कृतिक काउंसलर छाए ल्येन (तीसरा, बायं) एक साथ

10 दिन दिवसीय 34वां वॉरसॉ फिल्म महोत्सव 21 अक्तूबर को पोलैंड की राजधानी वॉरसॉ में संपन्न हुआ। पोलैंड के दर्शकों ने 10 दिनों के भीतर 61 देशों की 190 फिल्मों का लुत्फ़ उठाया। चीनी फिल्म《द फॉल》,《फ़ेडिंग मांउटेन्स》और《आउट ऑफ़ क्राइम्स》आदि पाँच फिल्मों ने महोत्सव में भाग लिया, जिन पर स्थानीय दर्शकों का ध्यान आकर्षित हुआ।

फिल्म《द फॉल》में अधेड़ उम्र के पुरुष लाओ लिन की कहानी सुनाई गई है। लाओ लिन एक छोटी कंपनी चलाता है। परिवार में तीन सदस्य हैं, पत्नी विदेश में काम करने के लिए गई हुई है और इकलौता बेटा विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के लिए हाई स्कूल का अंतिम वर्ष गुजार रहा है। लाओ लिन की दिनचर्या कुछ खास नहीं है। रोजाना उसका जीवन बहुत सरल तरीके से बीतता है, जैसे ऑफिस जाना, घर वापस लौटना, घर में टीवी देखना, बेटे की देखभाल करना और पुराने दोस्तों के साथ शराब पीना। उसका जीवन मशीन की तरह न ही तेज़ और न ही धीमी गति से चलता है।

गर्मियों की शुरुआत में लाओ लिन एक बड़ी कंपनी के साथ बिज़नेस करता है, लेकिन बड़ी कंपनी उसे ठीक समय पर पैसे नहीं देती। अगर लाओ लिन बड़ी कंपनी से अपने पैसे शीघ्र ही प्राप्त नहीं किये, तो उसकी छोटी कंपनी के सामने बड़ी मुश्किल आए जाएगी। इस प्रकार, मशीन की भांति उसके जीवन में पहले से कहीं ज्यादा परिवर्तन आ जाता है......   

मौजूदा वॉरसॉ फिल्म महोत्सव में पाँच चीनी फिल्मों ने भाग लिया। फिल्म 《द फॉल》को एशिया-प्रशांत फिल्म गठबंधन का पुरस्कार मिला, जबकि दूसरी फिल्म《फ़ेडिंग मांउटेन्स》को वृत्तचित्र की प्रतियोगिता में जूरी दल का खास सिफ़ारिश पुरस्कार मिला।

चोउ लीतोंग फिल्म《द फॉल》के पटकथा लेखक, निर्देशक और प्रमुख अभिनेता है। वॉरसॉ फिल्म महोत्सव में भाग लेने के लिए पोलैंड आने के पूर्व उन्हें चिंता सता रही थी कि कहीं स्थानीय दर्शक उनकी फिल्म को अस्वीकार तो नहीं कर देंगे। लेकिन वास्तविक स्थिति उनकी कल्पना से उलट रही। पोलैंड के दर्शकों ने उनकी फिल्म काफी सराहया और पसंद किया। इसकी चर्चा करते हुए फिल्मकार चोउ लीतोंग ने कहा:“मुझे पोलैंड के दर्शकों से बहुत प्यार मिला। फिल्म के प्रति उनकी समझ अच्छी है। फिल्म एक अंतरराष्ट्रीय भाषा है, जो कि सब लोग अच्छी तरह जानते हैं। मुझे आशा है कि मैं अपनी फिल्म की भाषा और अच्छी तरह बोल सकूंगा।”

जूरी दल ने फिल्म《द फॉल》के लिए लिखे गए पुरस्कार समीक्षा में यह लिखा- यह एक श्रेष्ठ अभिनय, अच्छी पटकथा और प्रतिभाशाली निर्देशक वाली फिल्म है, जिसमें समकालीन मध्य आयु वर्ग वाले चीन पुरुष की छवि दिखाई गई है। वॉरसॉ फिल्म महोत्सव के अध्यक्ष स्टीफ़न लॉडिन ने बल देते हुए कहा कि यह वॉरसॉ फिल्म महोत्सव का उद्देश्य है कि आधुनिक फिल्म भाषा से मानव की कहानी और इसे सुनाने वाले व्यक्ति का प्रसार किया जाए। स्टीफन लॉडिन का कहना है:“फिल्म महोत्सव में विविधतापूर्ण फिल्में चुनी जाती हैं। मुझ से कभी-कभार पूछा जाता है कि हम किस तरह की फिल्में दिखाना चाहते हैं?मेरा जवाब है कि लोगों को मानव की फिल्म दिखानी चाहिए। चीनी फिल्म उद्योग के पास बड़ी शक्ति मौजूद है। मेरा विचार है कि चीन ज्यादा अच्छी कलात्मक फिल्म की रचना करने में सक्षम है।”  

मौजूदा फिल्म महोत्सव में फिल्म《फ़ेडिंग मांउटेन्स》सबसे पहले वृत्तचित्र प्रतियोगिता में शामिल हुई। इस फिल्म में चीनी अल्पसंख्यक जाति याओ जाति के दो 80 वर्षीय वृद्धों के जीवन का वर्णन किया गया है। चीन में खेती सभ्यता वाले पारंपरिक गांव लुप्त होने की कहानी दिखाई गई है। फिल्म के निर्देशक छ्वी य्वीशी ने कहा कि पोलैंड के बहुत ज्यादा दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए आए हैं। यह उनकी कल्पना से बाहर है। हर बार फिल्म देखने के दौरान दर्शक भाव विभोर होकर आंसू बहाते हैं। उनके विचार में फिल्म की कहानी ने दर्शकों को प्रभावित किया है। वह खुद एक रिकोर्डिंग करना वाला है। फिल्म निर्देशक छ्वी य्वीशी ने कहा:“मैं केवल एक पटकथा लेखक और निर्देशक हूँ। वास्तव में फिल्म में सबसे बड़े निर्देशक वृत्तचित्र में मुख्य पात्र ही हैं। मैं सिर्फ़ एक रिकोर्डिंग करने वाला हूँ। आशा है कि उनके जीवन और उनकी संस्कृति पर लोग अधिक ध्यान देंगे।”

पोलैंड में स्थित चीनी दूतावास की सांस्कृतिक काउंसलर छाए ल्येन के विचार में मौजूदा वॉरसॉ फिल्म महोत्सव में चीनी फिल्मों को स्थानीय दर्शकों की वाहवाही मिली और बड़ी सफलता हासिल हुई। फिल्म देखने के बाद दर्शकों ने बहुत सक्रिय रूप से फिल्म रचना दल के सदस्यों के साथ विचार विमर्श किया। उन्होंने बल देते हुए कहा कि वॉरसॉ फिल्म महोत्सव संस्कृति का आदान-प्रदान और प्रचार-प्रसार का अच्छा मंच है। इससे चीनी फिल्मों के प्रति पोलैंड के दर्शकों की समझ बढ़ेगी, बल्कि फिल्मों के माध्यम से उन्हें चीन की संस्कृति और चीनी समाज के प्रति अधिक जानकारी मिलेगी। काउंसलर छाए ल्येन ने कहा:“वर्तमान में चीन का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। पोलैंड के दर्शकों को चीन के प्रति बड़ी रूचि है। उन्हें आशा है कि फिल्मों के माध्यम से चीन और चीनी समाज की जानकारी बढ़ेगी। पोलैंड एक बड़े फिल्म वाला देश है। नागरिक फिल्म का लुत्फ़ उठाते हैं। उनके फिल्म देखने के अपने-अपने अनुभव हैं। हम चीन-पोलैंड सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आगे बढ़ाना चाहते हैं, ताकि दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ बढ़ सके।”

यहां बता दें कि वॉरसॉ फिल्म महोत्सव की स्थापना वर्ष 1985 में हुई, जो अब तक 34 बार इसका आयोजन किया जा चुका है। साल 2009 में इसे औपचारिक तौर पर विश्व में 15 ए स्तरीय फिल्म महोत्सवों में चुना गया। इधर के वर्षों में चीनी फिल्म निदेशक वॉरसॉ फिल्म महोत्सव में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। मौजूदा फिल्म महोत्सव में चीनी फिल्म《द फॉल》को एशिया-प्रशांत फिल्म गठबंधन का पुरस्कार मिला, जबकि दूसरी फिल्म《फ़ेडिंग मांउटेन्स》को वृत्तचित्र की प्रतियोगिता में जूरी दल का विशेष सिफ़ारिश पुरस्कार मिला है।     

(श्याओ थांग)

 

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