शी चिनफिंग और पुतिन के बीच वार्ता
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 11 सितम्बर को व्लादिवोस्तोक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्ता की। दोनों देशों के नेताओं ने एक स्वर में माना कि इस वर्ष चीन-रूस संबंध के सक्रिय विकास का रूझान नज़र आता है, जो और अधिक उंचे स्तर और तेज़ गति के विकास दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने सहमति जतायी कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति में कैसा भी बदलाव हो जाए, चीन और रूस द्विपक्षीय संबंध का अच्छी तरह विकास करते हुए विश्व की शांति और स्थिरता को अच्छी तरह बनाए रखेंगे।
शी चिनफिंग ने कहा कि इस वर्ष मैंने रूसी राष्ट्रपति के साथ क्रमशः पेइचिंग और जोहानसबर्ग में फलदायी और कारगर भेंटवार्ता की। चीन और रूस के बीच घनिष्ठ उच्च स्तरीय आवाजाही को बनाए रखने से द्विपक्षीय संबंध के उच्च स्तर और विशेषता जाहिर हुई। इसके साथ ही अपनी-अपनी विदेश नीति में चीन-रूस संबंध की प्राथमिकता देखी जाती है। दोनों पक्षों के समान प्रयास के तहत द्विपक्षीय संबंध की राजनीतिक श्रेष्ठता वास्तविक सहयोग के फल के रूप में बदल रहा है। दोनों पक्षों को पारंपरिक मैत्री सुदृढ़ करते हुए व्यापक सहयोग मजबूत करना चाहिए, ताकि चीन-रूस सर्वांगीण रणनीतिक साझेदार संबंध के विकास को आगे बढ़ाया जा सके और दोनों देशों की जनता को ज्यादा लाभ मिल सके।
शी चिनफिंग ने बल देते हुए कहा कि चीन और रूस को“बेल्ट एंड रोड”और युरोप-एशिया आर्थिक गठबंधन के जोड़ वाले सहयोग को गहराना चाहिए, ऊर्जा, कृषि, वैज्ञानिक तकनीकी नवाचार, बैंकिंग आदि क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक करना चाहिए, अहम परियोजनाओं के स्थिर कार्यान्वयन को आगे बढ़ाते हुए अग्रिम विज्ञान और तकनीक का संयुक्त अनुसंधान और विकास मजबूत करना चाहिए, चालू वर्ष और अगले वर्ष चीन-रूस स्थानीय सहयोग आदान-प्रदान वर्ष का फायदा उठाकर ज्यादा सहयोग करना चाहिए।
शी चिनफिंग ने कहा कि आपस में दूसरे पक्ष द्वारा आयोजित बड़े पैमाने वाली गतिविधि का समर्थन करना चीन और रूस की अच्छी परंपरा है। पूर्वी आर्थिक मंच रूसी राष्ट्रपति के आह्वान पर आयोजित किया जाता है, जो कि विभिन्न पक्षों की बुद्धि इक्ट्ठा करने और क्षेत्रीय सहयोग पर समान रूप से विचार विमर्श करने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। विश्वास है कि मौजूदा पूर्वी आर्थिक मंच सुदूर सहयोग समेत स्थानीय सहयोग में नया मौका मिलेगा।
शी चिनफिंग ने बल देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति के स्थाई सदस्य देशों और प्रमुख नवोदित बाज़ार देशों के रूप में चीन और रूस के पास विश्व शांति, स्थिरता को बनाए रखने और विकास व समृद्धि को आगे बढ़ाने वाला उत्तरदायित्व है। दोनों देशों को संयुक्त राष्ट्र, शांगहाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स आदि बहु-पक्षीय ढांचे में घनिष्ठ संपर्क और सहयोग करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर अहम् मुद्दों के राजनीतिक समाधान को आगे बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही दोनों को अंतरारष्ट्रीय निष्पक्षता, न्याय, विश्व शांति और स्थिरता की रक्षा करनी चाहिए, अविचल रूप से संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सिद्धांत की रक्षा करते हुए एकतरफ़ावाद और व्यापारिक संरक्षणवाद का विरोध करना चाहिए। नए अंतरराष्ट्रीय संबंध और मानव जाति के साझे भाग्य समुदाय की स्थापना को आगे बढ़ाना चाहिए।
भेंटवार्ता में पुतिन ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग को पूर्वी आर्थिक मंच में भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया और उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मेरे और चीनी राष्ट्राध्यक्ष के बीच घनिष्ठ आवाजाही कायम हुई है, जिससे रूस-चीन संबंध का उच्च स्तर जाहिर हुआ। इधर के सालों में रूस-चीन संबंध का जोरदार विकास हो रहा है। दोनों पक्षों के बीच आपसी विश्वास दिन प्रति दिन मजबूत हो रहा है। राजनीति, अर्थतंत्र, सुरक्षा आदि व्यापक क्षेत्रों में सहयोग का फल शानदार रहा है। दोनों पक्षों को यूरोप-एशिया आर्थिक गठबंधन और“बेल्ट एंड रोड”के जोड़ वाले सहयोग को लगातार मजबूत करना चाहिए। निवेश, ऊर्जा, एयरोस्पेस, बैंकिंग और ई-कॉर्मस जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना चाहिए। इसके साथ ही मानविकी आदान-प्रदान को घनिष्ठ बनाते हुए स्थानीय सहयोग का संवर्धन किया जाएगा। रूस और चीन के पास अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति के प्रति कई समान विचार हैं। दोनों पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मामलों में समन्वय और सहयोग मजबूत करना चाहिए। एकतरफ़ावाद का विरोध करते हुए न्यायिक और उचित अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति की रक्षा करनी चाहिए, ताकि समान विकास और समृद्धि को साकार किया जा सके।
दोनों पक्षों ने अन्य समान रुचि वाले अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन रुप से विचारों का आदान-प्रदान किया। वार्ता के बाद दोनों नेता कुछ द्विपक्षीय सहयोगी दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने के साझी बने और संयुक्त रुप से संवाददाता से मिले।
(श्याओ थांग)



