चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की इस वर्ष पहली यात्रा समाप्त

2018-07-29 15:46:17
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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 19 से 29 जुलाई तक संयुक्त अरब अमीरात, सेनेगल, रवांडा और दक्षिण अफ्रीका की राजकीय यात्राएं समाप्त कीं। उन्हों ने ब्रिक्स देशों की दसवीं शिखर वार्ता में भाग लिया और मॉरीशस की ट्रांजिट यात्रा भी की। यह उन की वर्ष 2018 में प्रथम विदेश यात्रा है। चीन के राज्य काउंसलर व विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि यह चीन द्वारा विकासमान देशों और नव उभरती वाली शक्तियों के साथ रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने की सफल यात्रा है।  

वांग यी के अनुसार राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 11 दिनों में पाँच देशों के छह स्थलों का दौरा किया और कुल 60 गतिविधियों में भाग लिया। यात्रा पर पूरी दुनिया का व्यापक ध्यान आकर्षित हुआ। संयुक्त अरब अमीरात मध्य पूर्व व खाड़ी क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोगी है और एक पट्टी एक मार्ग के निर्माण के लिए भी महत्वपूर्ण सहपाठी है। यात्रा में दोनों देशों ने पूर्ण रणनीतिक साझेदार संबंध कायम करने की घोषणा की और एक पट्टी एक मार्ग के निर्माण से जुड़े एमओयू पर हस्ताक्षर किये। दोनों नेताओं ने व्यापार, वित्त, ऊर्जा और कृषि के बारे में अनेक दस्तावेज़ों पर भी हस्ताक्षर किये।

वांग यी ने कहा कि राष्ट्रपति शी हमेशा चीन-अफ्रीका संबंधों को महत्व देते हैं। यात्रा के दौरान शी ने इन चार अफ्रीकी देशों के नेताओं के साथ राजनीतिक विश्वास को गहराई में चलाने और अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मामलों पर एक दूसरे का समर्थन करने पर सहमति हासिल की। अफ्रीकी देशों के नेताओं ने कहा कि चीन अफ्रीका सहयोग उभय जीत वाला है। चीन ने अफ्रीका के आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए भारी योगदान पेश किया है। पश्चिमी देशों का "नया उपनिवेशवाद" कथन बिल्कुल बकवास है। दक्षिण अफ्रीका के बाद राष्ट्रपति शी ने सेनेगल, रवांडा और मॉरीशस के साथ भी एक पट्टी एक मार्ग एमओयू संपन्न किया है। यात्रा के दौरान चीन ने अफ्रीकी देशों के साथ 40 सहयोग समझौते संपन्न किये जिनमें दोनों जनता को कल्याण पहुंचाने वाले मुद्दे शामिल हैं।    

वांग यी के अनुसार सितंबर में चीनी राजधानी पेइचिंग में चीन-अफ्रीका सहयोग मंच का आयोजन किया जाएगा। तब एक पट्टी एक मार्ग, संयुक्त राष्ट्र 2030 अनवरत विकास कार्यक्रम, अफ्रीकी संघ 2063 कार्यक्रम को अफ्रीकी देशों के विकास के साथ जोड़ा जाएगा। और चीन और अफ्रीका के बीच संपूर्ण सहयोग करने की नई रणनीति प्रस्तुत की जाएगी। उधर ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग करने का बेहतर रूझान भी नजर आ रहा है। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी ने यह पेश किया कि ब्रिक्स देशों को ऐतिहासिक रूझान के मुताबिक मानव के समान भाग्य वाले समुदाय के निर्माण के लिए रचनात्मक भूमिका अदा करनी चाहिये। शी ने एकतरफावाद व संरक्षणवाद का विरोध करने, बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली का समर्थन करने और संयुक्त रूप से स्थापित अंतरराष्ट्रीय नियमों का अनुपालन करने पर भी जोर दिया। ब्रिक्स देशों के जोहान्सबर्ग घोषणा-पत्र में राष्ट्रपति शी के भाषणों की भावना को अवशोषित किया गया है।   

( हूमिन )

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