अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ब्रिक्स देशों की शिखर बैठक पर शी चिनफिंग के भाषण का उच्च मूल्यांकन किया

2018-07-28 14:18:16
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ब्रिक्स देशों की 10वीं शिखर बैठक 26 जुलाई को दक्षिण अफ्रीका के जोहानेसबर्ग में आयोजित हुई। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इसमें सुंदर विज़न वास्तविकता में बदला जाए शीर्षक पर भाषण दिया। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इस भाषणा का उच्च मूल्यांकन किया।

भारत के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के चीन और दक्षिण पूर्वी एशिया अनुसंधान केंद्र के प्रोफेसर बी आर दीपक ने बताया कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग हमेशा समान जीत ,सृजन ,समावेशी वृद्धि और बहुपक्षवाद की वकालत करते हैं और ब्रिक्स देशों को उन विचारों को लागू करने के लिए बढ़ाते हैं। ब्रिक्स देशों ने सहयोग और वैश्विक प्रशासन बढ़ाने में व्यापाक समानताएं संपन्न कीं। यह न सिर्फ ब्रिक्स तंत्र के विकास के लिए नयी आशा है ,बल्कि इसने अधिक युक्तियुक्त विश्व व्यवस्था के निर्माण में नयी शक्ति डाली है। उनके विचार में ब्रिक्स प्लस नवोदित बाज़ार देशों और विकासशील देशों के संबंधों को मज़बूत बनाएगा। ब्रिक्स प्लस के मॉडल को विभिन्न देशों के बीच नयी किस्म वाले पारस्परिक लाभ और सहयोग संबंधों का नींव बनने की संभावना है।

रूसी विज्ञान अकादमी के अध्ययनकर्ता वासिली काशिन ने बताया कि राष्ट्रपति शी का प्रस्ताव बहुत अहम है। चीन ब्रिक्स प्लस जैसे बहुपक्षीय व्यवस्था का विस्तार करने की कोशिश कर रहा है।

ब्राज़ील के चीन अनुसंधान केंद्र के निदेशक रोनी लिंस के विचार में पाँच ब्रिक्स देशों के बीच एक बहुस्तरीय वार्ता तंत्र बन चुका है। विकास के दौरान विभिन्न चुनौतियों के समक्ष विभिन्न वार्ता मंच का प्रयोग कर ब्रिक्स देशों ने सहयोग, समान जीत ,पारस्परिक लाभ वाले अंतरराष्ट्रीय संबंधों की मिसाल बनाई है।

(वेइतुंग)

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