जोहानसबर्ग : शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात

2018-07-27 07:18:18
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

जोहानसबर्ग : शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात

जोहानसबर्ग : शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 26 जुलाई को दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

शी चिनफिंग ने कहा कि यह मेरी और मोदी जी के बीच 3 महीने के भीतर तीसरी मुलाकात है। हमने समायोजित रूप से द्विपक्षीय संबंध का उच्च स्तरीय डिज़ाइन करते हुए समग्र तौर पर नियंत्रण किया, जिससे दोनों देशों के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय तत्व उभरकर सामने आए हैं और 2 अरब 60 करोड़ जनता का इरादा भी जाहिर हुआ है, साथ ही चीन-भारत संबंध को आगे बढ़ाने की शक्ति कायम हुई। चीन भारत के साथ मिलकर वूहान मुलाकात से शुरु हुए नए वातावरण को लगातार आगे बढ़ाना चाहता है, ताकि द्विपक्षीय और घनिष्ठ साझेदारी संबंध को सुदृढ़ कर उसका आगे विकास किया जा सके।

शी चिनफिंग ने बल देते हुए कहा कि चीन और भारत को वूहान भेंटवार्ता में संपन्न महत्वपूर्ण आम सहमतियों का कार्यान्वयन करना चाहिए। दोनों पक्षों को रणनीतिक संपर्क करते हुए आपसी विश्वास को मजबूत करना चाहिए। वास्तविक सहयोग का विस्तार करते हुए मानविकी आदान प्रदान को व्यापक रूप देना चाहिए। संपर्क और बातचीत को मजबूत करते हुए मतभेदों का अच्छी तरह प्रबंधन और नियंत्रण करना चाहिए। इतिहास में दोनों प्राचीन सभ्यता वाले देश होने के नाते चीन और भारत ने मानव सभ्यता में प्रगति बढ़ाने में अहम योगदान दिया। आज नवोदित बाज़ार वाले प्रमुख देशों और अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति के रक्षकों और योगदानकर्ताओं के रूप में दोनों पक्षों को द्विपक्षीय सहयोग करने के साथ-साथ क्षेत्रीय सहयोग के नए नमूनों की समान रूप से खोज करनी चाहिए। बहुपक्षवाद का झंडा फहराते हुए आर्थिक भूमंडलीकरण पर कायम रहना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति को और निष्पक्ष एवं उचित दिशा की ओर आगे बढ़ाया जा सके।   

जोहानसबर्ग : शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात

जोहानसबर्ग : शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात

मोदी ने कहा कि मैंने 3 महीने के भीतर राष्ट्रपति शी के साथ तीन बार मुलाकात कीं, जिससे भारत-चीन संबंध का उच्च स्तर जाहिर हुआ। वूहान भेंटवार्ता भारत-चीन संबंधों के इतिहास में मील के पत्थर वाला अर्थ मौजूद है, जिससे हमारे दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास को जबरदस्त तरीके से आगे बढ़ाया, जो कि द्विपक्षीय संबंध के दूरगामी विकास में नई प्रेरित शक्ति और नया मौका समझा जाएगा। भारत चीन के साथ मिलकर घनिष्ठ संपर्क और बातचीत कायम रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहराना चाहता है। मतभेदों का अच्छी तरह निपटारा करते हुए बहुपक्षीय ढांचे में सहयोग को मजबूत करना चाहता है। संरक्षणवाद और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उतार चढ़ाव की वजह से विकासशील देशों और नवोदित बाज़ार वाले देशों के सामने चुनौतियां आयी हैं। भारत चीन के साथ संयुक्त रुप से इनका मुकाबला करने को तैयार है, ताकि विकास का ज्यादा घनिष्ठ साझेदारी संबंध को आगे बढ़ाया जा सके।


शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories