ब्रिक्स विकास पर औद्योगिक और वाणिज्यिक जगतों के व्यक्ति आशावान

2018-07-26 11:16:50
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ब्रिक्स विकास पर औद्योगिक और वाणिज्यिक जगतों के व्यक्ति आशावान

10वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में आयोजित हो रहा है। जाहिर है कि ब्रिक्स सहयोग व्यवस्था दूसरे“स्वर्णिम दशक”में प्रवेश कर रहा है। 25 जुलाई को ब्रिक्स बिज़नेस फोरम का आयोजन हुआ। ब्रिक्स देशों के औद्योगिक और वाणिज्यिक जगतों के प्रतिनिधियों ने पिछले दस सालों में ब्रिक्स व्यवस्था के विकास में प्राप्त उपलब्धियों का सिंहावलोकन किया और वे अगले स्वर्णिम दशक के प्रति आशावान हैं। 

दक्षिण अफ्रीका की अयस्क निर्यात कंपनी के उच्च अधिकारी थैबांग मोलेटे ने कहा कि ब्रिक्स व्यवस्था के तहत लोगों की आवाजाही और आपस में सूचना के उपभोग में बड़ी सुविधा मिली है। उन्हें इससे भी बड़ा लाभ मिला है। ब्रिक्स देशों के बीच दूसरे दशक सहयोग के प्रति वे प्रतिक्षा करते हैं। उन्हें आशा है कि ब्रिक्स सहयोग से ज्यादा बिज़नेस के मौके मिलेंगे। वे चीन, भारत और रूस के साझेदारियों के साथ सहयोग करने की प्रतिक्षा में हैं।

वहीं, फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फ़िक्की) के अफ्रीकी मामले पर जिम्मेदार व्यक्ति सुस्नाटो सन के विचार में पिछले दस सालों में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग की सबसे बड़ी श्रेष्ठता यह है कि ब्रिक्स सदस्यों के बीच तालमेल लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स व्यवस्था वर्तमान अंतरराष्ट्रपित स्थिति में सुधार है, जो कि नवोदित आर्थिक समुदाय वाले देशों के बीच सहयोग ही नहीं, इसे दुनिया को लाभ पहुंचाने वाला प्रयास भी माना जा सकता है। ब्रिक्स देश बहुत एकजुट हैं और वे इस नवोदित आर्थिक समुदाय वाले संगठन की पूर्ण भूमिका निभाने में सक्रिय हैं। इस व्यवस्था से ब्रिक्स देशों के बीच, ब्रिक्स देशों और दूसरे देशों के बीच सहयोग को बड़े हद तक आगे बढ़ाया गया है। पिछले 10 सालों में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग का दायरा और गहराई लगातार विस्तृत हुई है। 

फ़िक्की के उच्च अधिकारी सुस्नाटो सन ने आशा जतायी कि आने वाले दिनों में ब्रिक्स देश अफ्रीका के विकास में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। चीन और भारत जैसे देशों ने इधर के सालों में तेज़ आर्थिक वृद्धि प्राप्त की। ये देश अफ्रीका की वर्तमान स्थिति को बदलने में सक्षम होंगे। ब्रिक्स देशों के उद्योगों का बिजनेस अफ्रीका तक पहुंचाने से दोनों पक्ष उभय जीत प्राप्त कर सकेंगे। अफ्रीकी देश उनके विकास का अनुभव भी सीख सकेंगे।

उधर, ब्रिक्स बिजनेस परिषद के मौजूदा अध्यक्ष डॉ. इकबाल सर्वे के विचार में ब्रिक्स देशों के बीच विकास अनुभव का साझा करना पिछले 10 सालों में सफलता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण कारण है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सदस्य सब विकासशील देश हैं। चीन ने अल्प समय में एक कम आय वाले देश से आज के स्तर तक विकसित किया है। जनता के जीवन स्तर में भी जमीन-आसमान का परिवर्तन हुआ है। यह बहुत मूल्यवान अनुभव है, जो सीखने लायक है। 

भविष्य में ब्रिक्स के विकास की चर्चा करते हुए डॉ. इकबाल सर्वे ने कहा कि ब्रिक्स देशों को औद्योगिक और वाणिज्यिक जगतों में सहयोग मजबूत करना चाहिए, ताकि ब्रिक्स व्यवस्था को और रोशनीदार बनाया जा सके। ब्रिक्स देशों के बीच अधिक सहयोगी व्यवस्था स्थापित किया जाना जरूरी है। बिज़नेस जगतों में सहयोग की मजबूती से अगले स्वर्णिम दस साल जरूर ब्रिक्स देशों को जाता है।

(श्याओ थांग)

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