ईरान के हितों की गारंटी दी जाए, तो वह ईरानी परमाणु संधि का पालन करेगा- रूहानी

2018-07-05 09:47:01
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn
1/2
ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी और ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपित अलेक्जेंडर वान डेर बेलन संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए

ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने 4 जुलाई को वियना में कहा कि अगर ईरान के हितों की गारंटी दी जाए, तो ईरान अमेरिका के हटने की स्थिति में ईरानी परमाणु संधि का लगातार पालन करेगा।

रूहानी ने ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपित अलेक्जेंडर वान डेर बेलन के साथ वार्ता करने के बाद मीडिया से यह बात कही। उन्होंने कहा कि अगर संभव हो, तो ईरान ईरानी परमाणु संधि को जारी रखेगा। इसकी पूर्व शर्त है कि ईरान को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि संधि पर हस्ताक्षर करने वालों देशों के रूप में रूस, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन ने ईरानी परमाणु संधि की रक्षा करने के राजनीतिक विकल्प को अभिव्यक्त किया है।

रूहानी ने यह भी कहा कि अमेरिका के संधि से हट जाना, न केवल अंतरराष्ट्रीय नियम का उल्लंघन है, बल्कि खुद को भी नुकसान पहुंचाना है।

अलेक्जेंडर वान डेर बेलन ने कहा कि ईरानी परमाणु संधि एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि है, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पारित किया गया। उन्होंने इस संधि से हटने और ईरान पर प्रतिबंध लगाने पर अमेरिका की निंदा की।

गौरतलब है कि जुलाई 2015 में ईरान और ईरानी मुद्दे के छह देश यानी अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस चीन और जर्मनी के बीच ईरानी परमाणु मुद्दे से जुड़े व्यापक संधि संपन्न हुई। जिसके अनुसार, ईरान अपनी परमाणु योजना को सीमित करने का वचन दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान पर लगाए प्रतिबंध को हटाएगा।

(श्याओ थांग)

शेयर