राजनीतिक रूप से सीरिया मामले का समाधान करने की अपील : अंतरराष्ट्रीय समुदाय

2018-04-15 17:12:39
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स्थानीय समय के अनुसार 14 अप्रैल के तड़के सीरिया में सरकार और सेना के कई ठिकानों पर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा तुरंत हवाई हमला किया गया। अभी तक हताहतों की संख्या और सुविधाओं के नुकसान के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर बड़ा ध्यान दे रहा है। कुछ देशों ने तीनों देशों के सीरिया के खिलाफ़ सैन्य हमला करने का समर्थन किया। पर संयुक्त राष्ट्र और अधिकांश देशों ने संबंधित पक्षों से संयम बरतकर राजनीतिक रूप से समस्या का समाधान करने की अपील की।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 13 अप्रैल की रात अमेरिकी सेना के ब्रिटेन और फ्रांस की सेनाओं के साथ सीरियाई सरकार और सैन्य सुविधाओं पर हमला करने का आदेश दिया, जो सीरियाई सरकार के घरेलू संघर्ष के दौरान रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने की जवाबी कार्रवाई है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि जब तक सीरियाई सरकार अपने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करना बंद नहीं कर देती, अमेरिका उसके खिलाफ़ युद्ध करता रहेगा।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मई ने 14 अप्रैल को घोषणा की कि इस सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य रासायनिक हथियारों से मासूम लोगों को पहुँचने वाले नुकसान को बंद करना और रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने पर अंतरराष्ट्रीय नियम की रक्षा करना है, जो ब्रिटेन के हितों से मेल खाता है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि यह कार्रवाई सीरिया के घरेलू संघर्ष में हस्तक्षेप करने और सीरिया के शासन परिवर्तन लाने के लिए नहीं है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रॉन ने 14 अप्रैल को कहा कि इस सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य सीरियाई सरकार के रासायनिक हथियारों का उत्पादन और इस्तेमाल करने की क्षमता को नष्ट करना है। फ्रांस और सहयोगी देश 14 अप्रैल से संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क के तहत एक अंतरराष्ट्रीय तंत्र स्थापित करेंगे, ताकि सीरियाई सरकार के घरेलू संघर्ष के दौरान रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल फिर से न किया जाए।

सीरियाई विदेश मंत्रालय ने 14 अप्रैल को कहा कि सीरिया अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के सीरिया में मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा करता है। हमलों से जाहिर है कि तीनों देश अंतरराष्ट्रीय कानून की उपेक्षा करते हैं। इससे दुनिया की स्थिति और तनाव होगी और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व शांति को भी नुकसान पहुंचेगा। सीरियाई सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के सीरिया में कार्रवाइयों की निंदा करने की अपील की।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने 13 अप्रैल को कहा कि वे अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की संयुक्त सैन्य कार्रवाई पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा परिषद के सदस्यों से एक साथ अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा की रक्षा करने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर व अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कदम उठाने की अपील की। सीरिया की स्थिति को और तनावपूर्ण बनाने व सीरियाई लोगों को दुःख पहुँचाने की कार्रवाई से बचे।

चीनी विदेश मंत्रालय ने 14 अप्रैल को कहा कि सुरक्षा परिषद को छोड़कर कोई भी एकतरफ़ा सैन्य कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के विरूद्ध है, जो सीरिया समस्या को और जटिल बनाएगा। चीन ने संबंधित पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून फ्रेमवर्क के तहत वार्ताओं के जरिए समस्या का समाधान करने की अपील की।

(नीलम)

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