चीन भारत संबंधों पर चीनी राजदूत का ताजा रुख

2020-09-15 17:01:31
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भारत स्थित चीनी दूतावास की वेबसाइट के अनुसार भारत स्थित चीनी राजदूत सुन वेईतुंग ने हाल ही में चीन और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच मुलाकात से संबंधित सवालों को लेकर ये बात कहीं।

सुन वेईतुंग ने कहा कि इस वर्ष सीमा मसला सामने आने के बाद से अब तक चीन-भारत संबंधों के विकास की दिशा को कैसे सही ढंग से समझा जा सकता है, यह महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के नेताओं ने सिलसिलेवार महत्वपूर्ण सहमतियां प्राप्त कीं, इसमें एक बुनियादी निर्णय है कि चीन और भारत विरोधी के बजाय साझेदार हैं, और खतरे के बजाय अवसर हैं। इस बार दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच मुलाकात में 5 सूत्रीय सहमतियां हासिल हुईं। भारत में इन पांच सूत्रीय सहमतियों को लेकर सकारात्मक मूल्यांकन हुआ है। सुन वेईतुंग को आशा और विश्वास है कि अगर दोनों पक्ष गंभीरता से दोनों विदेश मंत्रियों द्वारा संपन्न सहमतियों का कार्यान्वयन करें और सीमावर्ती सैनिकों में इन सहमतियों को लागू किया जाए, वार्ता के सही तरीके पर कायम रहें, तो दोनों पक्षों को वर्तमान कठिनाइयों को दूर करने का माध्यम मिल सकता है।

जैसा कि चीनी स्टेट काउंसलर वांग यी ने मुलाकात में कहा, दोनों पड़ोसी देशों के रूप में चीन और भारत के बीच कुछ मतभेद मौजूद होना तो सामान्य है, लेकिन हमें मतभेद को द्विपक्षीय संबंधों में उचित स्थान पर रखना चाहिए। हमें दोनों देशों के नेताओं की इन रणनीतियों पर कायम रहना चाहिए कि चीन और भारत प्रतिस्पर्धी के बजाए भागीदार हैं, एक दूसरे के लिए खतरे के बजाए विकास का अवसर है।

सुन वेईतुंग के अनुसार सीमा मामले का फौरी सवाल यही है कि तुरंत ही गोलीबारी या उकसावे और अन्य वचनों का उल्लंघन करने वाले खतरनाक व्यवहारों को रोका जाय, सभी सीमा पार कर्मियों और उपकरणों को हटाएं, चीन और भारत के अधिकांश सीमावर्ती क्षेत्रों से सैनिक अलग हों, ताकि स्थिति शिथिल हो सके।

(वनिता)

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