“बेल्ट एंड रोड” पहल विकासशील देशों के हितों से मेल खाता है : सीपीएसएल नेता

2020-09-14 11:27:42
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श्रीलंकाई कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएसएल) के पूर्व महासचिव वीरासिंघे गुनासेकरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हाल ही में उन्होंने चीनी समाचार एजेंसी शिनहुआ को दिए एक ख़ास इन्टरव्यू में कहा कि "बेल्ट एंड रोड”पहल श्रीलंका समेत विकासशील देशों और जनता को स्थाई लाभ पहुंचाएगी, और साथ ही वैश्विक बहुपक्षवाद के विकास को बढ़ावा देगी।

गुनासेकरा ने कहा कि श्रीलंकाई कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से चीन और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को अपने सच्चा मित्र मानती है। वे चार बार चीन की यात्रा कर चुकी हैं और चीन की विकास प्रक्रिया के साक्षी भी बने। गत शताब्दी के 80 के दशक में शनचन के बारे में उनका अनुभव बहुत गहरा रहा। उन्होंने कहा कि अतीत में शनचन केवल एक छोटा सा मछुआरा गांव था, जहां मात्र सबसे आधारभूत संस्थापन उपलब्ध थे, लेकिन आज यह शहर वैश्विक तकनीकी केंद्र की पंक्ति में शामिल हो चुका है।

गुनासेकरा के विचार में कई वर्षों के प्रयास के चलते चीन ने तेज़ आर्थिक विकास को साकार किया। श्रीलंका-चीन संबंध भी नई मंजिल पर पहुंच गए। चीन ने श्रीलंका में आधारभूत संस्थापनों के निर्माण तथा जन-जीवन से संबंधित अन्य परियोजनाओं में बड़ी मात्रा में पूंजी का निवेश किया, जिससे श्रीलंका बदल रहा है।

उन्होंने कहा कि इधर के सालों में चीन “बेल्ट एंड रोड” के निर्माण के दौरान तटीय देशों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है, इससे संबंधित देशों को ज्यादा समृद्धि और विकास साकार होगा, इसके साथ ही वैश्विक बहुपक्षवाद के विकास को भी आगे बढ़ाया जाएगा। उनके विचार में “बेल्ट एंड रोड” पहल अफ्रीका, लैटिन-अमेरिका और यूरोशिया महाद्वीप में नए आर्थिक केंद्रों के उदय को भी बढ़ावा देगी।

बता दें कि गुनासेकरा सन् 2004 से अगस्त 2020 तक श्रीलंकाई कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव रहे।

(श्याओ थांग)

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