भारत कोविड-19 वैक्सीन का मानव परीक्षण शुरू करेगा

2020-07-14 11:25:08
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टाइम्स ऑफ इंडिया की 13 जुलाई की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में विकसित कोरोना वायरस की वैक्सीन "कोवाक्सिन" नैदानिक मानव परीक्षणों में प्रवेश कर चुकी है। परीक्षण में भाग लेने वाले सबसे पहले 18 स्वयंसेवकों का चयन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की पटना शाखा द्वारा किया गया है। उनकी आयु 18 से 55 वर्ष के बीच है। साथ ही प्रयोग में भाग लेने वाले भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा चयनित 11 अन्य चिकित्सा संस्थान भी शामिल हैं।

इस परीक्षण में प्रयुक्त वैक्सीन भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और भारत जैव प्रौद्योगिकी द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एक निष्क्रिय वैक्सीन है। वैक्सीन स्ट्रेन भारत के पुणे स्थित इंडियन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरस रिसर्च द्वारा SARS-CoV-2 वायरस से अलग किया गया था। भारत के "कोवाक्सिन" कोरोना वैक्सीन को भारतीय दवा नियंत्रण प्रशासन (डीसीजीआई) द्वारा अनुमोदित किया गया है, जो प्रथम चरण और द्वितीय चरण के मानव परीक्षणों में प्रयुक्त किया जाएगा। क्रमशः 375 और 750 लोग परीक्षण में भाग लेंगे। सैद्धांतिक नैदानिक परीक्षण का समय 6-8 महीने है। इससे पहले, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने कहा था कि वैक्सीन के मानव परीक्षणों की प्रक्रिया की गति को तेज करेगा, तीसरे चरण के मानव परीक्षण के समय को छह सप्ताह तक कम करने की कोशिश करेगा, और 15 अगस्त को सार्वजनिक स्वास्थ्य उपयोग के लिए एक नयी कोरोना वैक्सीन लॉन्च करने की योजना बनाई है।

(नीलम)

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