चीनी राजदूतः मतभेदों का अच्छी तरह निपटारा कर चीन-भारत संबंधों को पुनः सही रास्ते पर लाएं

2020-07-11 16:34:16
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10 जुलाई को भारत स्थित चीनी राजदूत स्वन वेइतोंग ने हालिया चीन-भारत संबंधों पर वीडियो भाषण दिया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि चीन और भारत को साझेदार बनना चाहिए, प्रतिद्विंदी नहीं । दोनों पक्ष मुठभेड़ के बजाय शांति चाहते हैं, शून्य-जमा खेल के बजाय सहयोग और साझी जीत चाहते हैं, संदेह के बजाय विश्वास चाहते हैं, पीछे हटने के बजाय आगे बढ़ना चाहते हैं। दोनों पक्षों को दोनों नेताओं की सहमति के मुताबिक मैत्री व सहयोग पर केंद्रित संदेह को हटाना चाहिए, मतभेद और संवेदनशील समस्या का अच्छी तरह निपटारा करना चाहिए, हालिया द्विपक्षीय संबंधों के सामने मौजूद चुनौतियों का सामना कर द्विपक्षीय संबंधों के स्वस्थ व स्थिर सही रास्ते में वापस लौटने को आगे बढ़ाना चाहिए।

15 जून को चीन-भारत सीमा पर सैनिक हताहत हुए, दोनों देश ऐसी स्थिति नहीं देखना चाहते हैं। 5 जुलाई को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ फोन बातचीत की और हालिया स्थिति में शैथिल्य लाने पर सक्रिय सहमति प्राप्त की। हाल में दोनों सेनाएं कप्तान स्तरीय वार्ता में प्राप्त मतैक्य के मुताबिक थलीय संपर्क को बंद कर रही हैं।

इधर के दिनों में भारतीय लोकमत ने दोनों देशों के नेताओं के बीच सहमति पर संदेह जताया और चीन-भारत संबंधों की विकास दिशा को गलत रूप से समझाया, जिसने द्विपक्षीय संबंधों के सामान्य विकास में बाधा डाली है। मेरा मानना है कि चीन और भारत दोनों को साफ साफ यह जानना चाहिए कि दोनों साझेदारी बनाना चाहते हैं, जबकि प्रतिद्विंदी नहीं। दोनों शांति, सहयोग, साझी जीत और विश्वास चाहते हैं, जबकि मुठभेड़, शून्य-योग गेम और संदेह नहीं चाहते हैं। चीन-भारत संबंधों को आगे बढ़ना चाहिए, जबकि पीछे नहीं हटना चाहिए।

इस साल चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंध स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है। हमें चीन-भारत मैत्रीपूर्ण संबंधों को बड़ा मूल्यवान समझना चाहिए। हालिया चीन-भारत संबंध द्विपक्षीय संबंधों के दायरे से परे हैं, जिसका वैश्विक सामरिक अर्थ है। हालिया जटिल परिस्थिति में दोनों को ऊँचाई पर खड़े होकर दूर देखना चाहिए और तनावपूर्ण स्थिति में शैथिल्य लाने की कोशिश करनी चाहिए। महामारी की स्थिति में दोनों को नये तरीके और नये माध्यमों की खोज कर द्विपक्षीय नागरिकों के बीच आदान प्रदान और समझ को प्रगाढ़ करना चाहिए। साथ ही दोनों देशों की मीडिया संस्थाओं को भी निष्पक्ष, तर्कसंगत और जिम्मेदारी से रिपोर्ट करनी चाहिए। विरोध की भावनाओं को प्रेरित करने से बचने के लिए और चीन-भारत संबंधों के स्थिर व स्वस्थ विकास में सकारात्मक ऊर्जा का योगदान करना चाहिए।

(श्याओयांग)

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