भारतः देश में कोविड-19 की रोकथाम में ज्यादा ध्यान दे

2020-07-06 19:53:01
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इधर के दिनों में भारतीय मीडिया में चीन विरोधी रिपोर्टें आ रही हैं। लेकिन वे इस बात पर ध्यान नहीं दे रहे हैं कि भारत में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब भारत में कोविड-19 के पुष्ट मामलों की कुल संख्या 6.9 लाख तक पहुंच चुकी है, जो विश्व में तीसरे स्थान पर है। और तो और भारत में मृतकों की संख्या भी 19 हजार से अधिक हो गयी है।

इसके साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी भारी असर पड़ रहा है। आईएमएफ द्वारा जारी ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक इस साल भारत की आर्थिक विकास दर में 4.5 प्रतिशत की कटौती आएगी। निसंदेह भारत के लिए बुरा संकेत है।

लेकिन कुछ भारतीय राजनीतिज्ञों और मीडिया संस्थाओं की नजर में चीन पर हमला करने की तुलना में महामारी की गंभीर स्थिति इतनी महत्वपूर्ण नहीं है।

अमेरिकी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने 4 जुलाई को एक लेख जारी कर कहा कि भारत टेलिकॉम, दवा और बुनियादी संरचनाओं के निर्माण आदि अहम उद्योगों में चीन के आयात और निवेश पर बहुत निर्भर है। चीनी उत्पादों, चीनी उद्यमों और चीनी निवेशों पर पाबंदी लगाने से भारत को खुद ही भारी आर्थिक नुकसान पहुंच सकता है।

भारत में भी कुछ वाजिब आवाज सुनी जा सकती है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विश्वजीत दहल ने चेतावनी दी है कि हम बहुत मुश्किल से चीन से छुटकारा पा सकते हैं। अगर चीन भारत के लिए उत्पादों का निर्यात रोक दे तो भारत के उद्यम भी बहुत मुश्किल स्थिति फंस जाएंगे।

हम आह्वान करते हैं कि भारतीय राजनीतिज्ञ और मीडिया संस्थाएं अपनी नजर को चीन से हटाकर अपने देश की गंभीर स्थिति पर और ज्यादा ध्यान देकर जनता की अपील को अच्छी तरह सुनाएं।

(श्याओयांग)

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