चीन और चीनी उद्यमों के खिलाफ भेदभाव की कार्यवाइयों को तुरंत बंद करे भारत

2020-07-05 16:51:05
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चीन और भारत के बीच गलवान घाटी मुठभेड़ पैदा होने के बाद  भारत ने चीन विरोधी सिलसिलेवार कदम उठाए। भारत ने 50 से अधिक चीनी एप्स के इस्तेमाल पर पाबंदी लगायी और चीनी उद्यमों के भारत के आधारभूत ढांचे के निर्माण में भाग लेने पर पाबंदी लगायी। भारत के कुछ बंदरगाहों में चीन से आयातित कार्गो को भी समस्या मिली है। रॉयटर ने 3 जुलाई को रिपोर्ट देकर कहा कि भारतीय बिजली मंत्रालय ने हाल में भी बयान दिया कि भारतीय कंपनियां भारत सरकार की अनुमति के बाद ही चीन से बिजली सप्लाई उपकरणों का आयात कर सकेंगी।

भारतीय एनडीटीवी की 3 जुलाई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय बिजली मंत्री राज कुमार सिंह ने कहा कि भारत विभिन्न राज्यों को चीन और पाकिस्तान से किसी भी वस्तु का आयात करने की अनुमति नहीं देगा। लम्बे अरसे से चीन के बिजली उत्पादों पर भारत की बड़ी निर्भरता रही है। 2018-2019 वित्तीय वर्ष में भारत ने कुल 7.1 खरब रुपये के बिजली उत्पादों का आयात किया, जिनमें करीब 2.1 खरब रुपये के उत्पाद चीन से आयातित थे। रॉयटर की रिपोर्ट ने कहा कि भारत लम्बे अरसे से चीनी उपकरणों के सहारे बिजली का उत्पादन करता रहा है, ताकि भारतीय लोग सस्ते दाम में बिजली का इस्तेमाल कर सकें। हालांकि इस नये नियम से कुछ भारतीय कंपनियों को लाभ मिलेगा, लेकिन दीर्घकालीन दृष्टिकोण से भारत में संभवतः बिजली की कीमतों में इजाफा होगा।

न्यूयार्क टाइम्स की 1 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार चीनी एप्स पर पाबंदी लगाने के बाद कुछ भारतीय यूजर्स को भी झटका लगा है। सोशल मीडिया पर कई भारतीय लोगों के लिए एप्स पर पाबंदी लगाने से उनका एकमात्र आमदनी का स्रोत खत्म हो जाएगा। इस के अलावा अनेक चीनी एप्स की कंपनियों ने भारत में दफ्तर खोले हैं और बड़ी संख्या में भारतीय कर्मचारियों को काम पर रखा है। उन लोगों की नौकरी जाने की बड़ी संभावना है।

ब्रिटिश बीबीसी ने विश्लेषकों के हवाले से कहा कि हाल में भारत महामारी, रेगिस्तानी टिड्डी की आपदा आदि सिलसिलेवार समस्याओं का सामना कर रहा है। ऐसे वक्त में भारत सरकार ने चीन और पाकिस्तान पर लोगों का ध्यान स्थानांतरित करने की कोशिश की है।

2 जुलाई को चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता काओ फंग ने कहा कि चीन ने भारतीय उत्पादों और सेवाओं के खिलाफ कोई भेदभाव का कदम नहीं उठाया है। भारत की संबंधित कार्यवाइयों ने विश्व व्यापार संगठन के संबंधित नियमों और इस संगठन में भारत के वचनों का उल्लंघन किया है। आशा है कि भारत चीन और चीनी उद्यमों के खिलाफ भेदभाव की कार्यवाइयों को तुरंत बंद करेगा।

(श्याओयांग)

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