मुंबई में च्यांगशी प्रांतीय निर्यातित वस्तुओं का ऑनलाइन मेला आयोजित

2020-06-08 16:50:39
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हाल ही में चीन के च्यांगशी प्रांत की निर्यातिक वस्तुओं का ऑनलाइन मेला मुंबई में उद्घाटित हुआ। मुंबई में चीनी कांसुलर जनरल थांग क्वोछाई, च्यांगशी प्रांत की उप गवर्नर वू चोंगछ्योंग, च्यांगशी प्रांतीय वाणिज्य मामला विभाग के प्रधान श्ये यीफिंग, अखिल भारतीय प्लास्टिक उद्योग संघ के अधीन विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष हर्षद देसाई आदि प्रतिनिधियों ने उद्घाटन समारोह में भाग लिया।

च्यांगशी प्रांत की उप गवर्नर वू चोंगछ्योंग भाषण देते हुए

च्यांगशी प्रांत की उप गवर्नर वू चोंगछ्योंग भाषण देते हुए

कांसुलर जनरल थांग क्वोछाई ने भाषण देते हुए कहा कि वर्तमान में विश्व भर में विभिन्न देश कोविड-19 महामारी से ग्रस्त हैं, च्यांगशी प्रांत इस खास समय में ऑनलाइन मेला आयोजित करने जैसा सृजनात्मक तरीका अपनाकर चीन और भारत में कामकाज और उत्पादन की बहाली तथा द्विपक्षीय आर्थिक व्यापारिक सहयोग की सेवा करता है। वे इस कार्रवाई के प्रशंसक हैं। महामारी के प्रकोप होने के बाद च्यांगशी प्रांत ने सक्रिय रूप से भारत के साथ ऑनलाइन मेला आयोजित करने वाला प्रथम प्रांत है, जिससे महामारी के बाद द्विपक्षीय सहयोग को लिए अच्छा आधार तैयार होगा।

अपने भाषण में थांग ने चीन और भारत के बीच तथा मुंबई में चीन-भारत आर्थिक व्यापारिक सहयोग की स्थिति से अवगत करवाया। उनके मुताबिक, चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक रकम करीब एक खरब अमेरिकी डॉलर पहुंच चुकी है। चीन कई वर्षों में भारत का सबसे बड़ा आर्थिक व्यापारिक सहयोग साझेदार बन चुका है। इधर के सालों में चीन-भारत सहयोग बेहतरीन विकसित रुझान बना रहा है। दोनों देशों के बीच आपसी लाभ वाले सहयोग से एक दूसरे के कारोबारों और जनता को वास्तविक लाभ मिला है। मौजूदा मेला इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों पर केंद्रित है, जो चीन-भारत सहयोग में सबसे ज्यादा निहित शक्ति मौजूद वाला इलाका है। दोनों पक्ष इलेक्ट्रॉनिक जानकारी, वाहन, निर्माण मशीनरी, फोटोवोल्टिक, लिथियम बैटरी आदि क्षेत्रों में एक दूसरे की पूरक हैं, जिन में भारी निहित शक्ति भी मौजूद है।

मुंबई में चीनी कांसुलर जनरल थांग क्वोछाई भाषण देते हुए

मुंबई में चीनी कांसुलर जनरल थांग क्वोछाई भाषण देते हुए

कांसुलर जनरल थांग क्वोछाई ने बल देते हुए कहा कि वर्तमान में चीन और भारत महामारी का मुकाबला करने और अपने आर्थिक विकास को बहाल करने की कुंजीभूत काल से गुजर रहे हैं, दोनों को उद्योग श्रृंखला और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता को बनाए रखना चाहिए, इसके साथ ही दोनों देशों के कारोबारों के बीच वास्तविक और गहरे सहयोग की बड़ी आवश्यकता है। चीन में परिपक्व, स्थिर और विशाल बाजार उपलब्ध है, जबकि भारत में बड़ी निहित शक्ति वाला बाजार और पर्याप्त श्रमिक शक्ति मौजूद है। चीन और भारत को खुली विचारधारा अपनाते हुए समान रूप से चुनौतियों का मुकाबला करना चाहिए, दोनों देशों के हाथ मिलाकर सहयोग से अपने-अपने अर्थव्यवस्था के साझे विकास को साकार किया जा सकेगा।   

कांसुलर जनरल थांग ने कहा कि चीन और भारत दोनों भाइयों को समान रूप से चुनौतियों का सामना करते हुए सुधार और विकास के सहयात्री बनना चाहिए। उन्हें आशा है कि दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय आर्थिक व्यापारिक सहयोग और मानविकी आदान-प्रदान मजबूत किया जाएगा, ताकि चीन-भारत संबंधों के विकास में ज्यादा सक्रिय ऊर्जा का संचार हो सके। दोनों देशों के विभिन्न जगतों के समान प्रयास से चीन-भारत विकास का नया अध्याय जुड़ेगा।

यहां बता दें कि मौजूदा मेला एक महीने तक जारी रहेगा, इस दौरान एक हज़ार से अधिक चीनी निगम ऑनलाइन प्रदर्शनी में भाग लेंगे, 5 हजार से अधिक भारतीय निगम ऑनलाइन बातचीत और खरीददारी में हिस्सा लेंगे।

(श्याओ थांग)

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