भारत स्थित चीनी राजदूत ने सीएनएन न्यूज 18 से बात की

2020-05-15 12:44:08
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भारत स्थित चीनी राजदूत सुन वेइतुंग ने 14 मई को भारत के मुख्य न्यूज चैनल सीएनएन न्यूज 18 से टीवी साक्षात्कार किया। उन्होंने महामारी के मुकाबले में चीन-भारत सहयोग, चीन की टेस्ट किट की गुणवत्ता, वैश्विक आर्थिक बहाली को बढ़ाने के लिए चीन क्या कदम उठाएगा और कथित विदेशी पूंजी के चीन से हटने, चीन के महामारी संबंधी सूचना छिपाने, वुहान प्रयोगशाला वायरस का स्रोत होने के कथनों पर संवाददाता के सवालों का जवाब दिया।

सुन वेइतुंग ने कहा कि महामारी के प्रकोप के बाद से चीन भारत के साथ निकट संपर्क व सहयोग बनाए रखता है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने महामारी के खिलाफ लड़ाई में सहयोग को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया। चीन ने विशेषज्ञ वीडियो सम्मेलन के आयोजन से भारत के साथ समय पर महामारी की रोकथाम व नियंत्रण के अनुभव और उपचार योजना साझा की। चीन भारत को हरसंभव समर्थन व सहायता देने को तैयार है और भारत को जल्द से जल्द महामारी पर काबू पाने की ईमानदारी से कामना करता है।

यह साल चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है। चीन और भारत न केवल पड़ोसी देश हैं, बल्कि मित्र और साझेदार भी हैं। दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले विकासशील देशों के रूप में चीन और भारत को महामारी से लड़ने के लिए एक साथ मिलकर सहयोग करना चाहिए। वायरस मानव जाति के सामने एक आम चुनौती है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मानव के साझे भाग्य समुदाय की स्थापना की अपील की। और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में राष्ट्रीय भाषण में भी कहा था कि "दुनिया एक परिवार है"। महामारी के खिलाफ लड़ाई में चीन-भारत सहयोग दुनिया के सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और अंततः महामारी को जीतने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

कुछ दिनों पहले, भारत ने दो चीनी कंपनियों क्वांगतु वानफू और जुहाई लीचू द्वारा उत्पादित रैपिड एंटीबॉडी डिटेक्शन किट की गुणवत्ता समस्याएं बताई हैं। इस के बारे में सुन वेइतुंग ने कहा कि जहां तक हम जानते हैं कि इन दो चीनी कंपनियों द्वारा उत्पादित डिटेक्शन किट को चीन के खाद्य और औषधि प्रशासन द्वारा अनुमोदित किया गया है और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अधीन भारतीय राष्ट्रीय वायरस अनुसंधान संस्थान द्वारा सत्यापित भी किया गया है। उन्हें संतोषजनक उत्पादन माना जाता है। उनके डिटेक्शन किट को स्पेन, इंडोनेशिया, ब्राजील समेत कई देशों में निर्यात किया जाता है और सकारात्मक मूल्यांकन प्राप्त हुआ। कई देशों के आधिकारिक चिकित्सा संस्थानों के मूल्यांकन परिणाम अच्छे हैं। नए कोरोनोवायरस एंटीबॉडी टेस्ट एक बहुत प्रफेशनल कार्य है। टेस्ट कीट के भंडारण, परिवहन और उपयोग की सख्त मांग है। कोई भी ऑपरेशन जो उत्पाद विनिर्देश के अनुसार या प्रेफेशनल कर्मियों द्वारा नहीं किया गया है, टेस्ट की सटीकता पर प्रभाव डालता है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि चीन से निर्यात चिकित्सा उत्पाद गुणवत्ता की प्राथमिकता पर कायम है।

सुन वेइतुंग ने कहा कि तथाकथित "वायरस वुहान प्रयोगशाला से उत्पन्न हुआ" का कथन झूठ साबित हुआ। डब्ल्यूएचओ ने कई बार स्पष्ट किया है कि नया कोरोनवायरस कृत्रिम संश्लेषण से नहीं,बल्कि प्रकृति से उत्पन्न है। दुनिया की शीर्ष चिकित्सा पत्रिका "लांसेट" ने आधिकारिक विशेषज्ञों का संयुक्त बयान प्रकाशित किया, जिसमें यह भी विचार व्यक्त किया गया है। अमेरिका, जर्मनी, स्वीडन, जापान समेत कई देशों के विशेषज्ञों ने भी बताया कि "प्रयोगशाला निर्माण या रिसाव कथन" का कोई सबूत नहीं है और यहां तक कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रयोगशालाएं भी यह वायरस नहीं बना सकती हैं।

वायरस ट्रेसिंग एक जटिल वैज्ञानिक समस्या है और इसका अध्ययन वैज्ञानिकों द्वारा किया जाना चाहिए। महामारी के सामने सभी देशों का भाग्य एक दूसरे से जुड़ता है। किसी भी देश को कसूरवार ठहराने से सिर्फ अधिक कीमती समय बर्बाद किया जाएगा। हमें सबसे ज्यादा आपसी सम्मान, आपसी समझ और आपसी सहयोग की जरूरत है।

(मीनू)

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