भारत स्थित चीनी दूतावास : महामारी का प्रयोग कर थाईवानी स्वाधीनता की दलील का समर्थन का खंडन

2020-05-03 14:41:20
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भारत की एक मीडिया ने 2 मई को थाईवानी प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी छन शिचोंग का एक लेख प्रकाशित कर खुलेआम महामारी का प्रयोग कर थाईवानी स्वाधीनता की दलील का समर्थन किया। भारत स्थित चीनी दूतावास के प्रेस प्रवक्ता ची रोंग ने इस पर बयान जारी कर इसका खंडन किया और चीन के सैद्धांतिक रुख पर प्रकाश डाला।

 प्रेस प्रवक्ता ची रोंग ने कहा कि इस बारे में चीन कई बार अपना रुख स्पष्ट कर चुका है। एक चीन का सिद्धांत भारत समेत अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की व्यापक सहमति और सर्वमान्य अंतर्राष्ट्रीय नियम है। थाईवान क्षेत्र के अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की गतिविधियों में भाग लेने की सभी समस्याओं का एक चीन के सिद्धांत के अनुसार हल किया जाना चाहिए। चीन का एक अभिन्न अंग होने के नाते, थाईवान को एक प्रभुसत्ता देश की हैसियत से डब्ल्यूएचओ में भाग लेने का अधिकार नहीं है।

चीन की केंद्र सरकार थाईवानी लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण पर बड़ा ध्यान देती है। महामारी के प्रकोप के बाद चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने सही समय पर स्वेच्छा से थाईवान को महामारी से संबंधित जानकारी मुहैया करवायी और थाईवानी विद्वानों के लिए वुहान का निरीक्षण दौरा करने का प्रबंध भी किया। 13 अप्रैल तक चीन की मुख्यभूमि ने कुल मिलाकर थाईवान को 127 बार महामारी की जानकारी दी। चीन सरकार और डब्ल्यूएचओ के बीच संपन्न प्रबंध के मुताबिक, एक चीन के सिद्धांत की पूर्वशर्त में थाईवान और डब्ल्यूएचओ के बीच तकनीक सहयोग में कोई बाधा नहीं रही। थाईवान के चिकित्सक उचित हैसियत से डब्ल्यूएचओ की तकनीक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।

इसके अलावा, डब्ल्यूएचओ ने कई बार स्पष्ट किया कि थाईवान ने उसे चेतावनी नहीं दी थी, सिर्फ गत 31 दिसम्बर को वुहान ने महामारी के बारे में बताने के बाद थाईवान ने डब्ल्यूएचओ से और अधिक जानकारी पाने के बारे में पूछा। तथाकथित यह कहना, कि थाईवान ने पहले चेतावनी दी, लेकिन डब्ल्यूएचओ ने नजरअंदाज किया, बिल्कुल निराधार है।

 थाईवानी प्रशासन ने महामारी का प्रयोग कर स्वाधीनता की खोज करने की कोशिश की, जिसका मकसद चीन का विभाजन करना है। चीन थाईवानी प्रशासन की इस कार्यवाई को अनुमति नहीं देता है। चीन भारत की संबंधित मीडिया से चीन की प्रभुसत्ता, प्रादेशिक अखंडता आदि अहम केंद्र हितों से संबंधित सवालों पर सही रुख अपनाकर एक चीन के सिद्धांत का पालन करने का आह्वान करता है, ताकि थाईवानी स्वाधीनता की शक्ति के लिए बोलने का कोई मंच प्रदान न करे।

 (श्याओयांग)

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