वुहान के "अनब्लॉकिंग" पर ध्यान देता है नेपाल
वुहान ने 8 अप्रैल को बाहर निकलने के सभी चैनलों पर लगे प्रतिबंध हटा दिये हैं। लॉकडाउन के 76 दिन बाद वुहान ने "रीसेट बटन" प्रेस किया, जिस पर नेपाल के विभिन्न जगतों ने ध्यान दिया।
नेपाल के पूर्व राजदूत लीला मणि पौडेल 17 मार्च को अवकाश ग्रहण कर नेपाल वापस गये। वुहान में कोविड-19 महामारी की सबसे कड़ी समय में उन्होंने नेपाल के दूतावास के कर्मचारियों की नेतृत्व करते हुए चीन और वुहान का समर्थन किया। पौडेल ने कहा कि महामारी को दुनिया में फैलने से रोकने के लिए वुहान के लोगों ने विशाल बलिदान और उत्कृष्ट योगदान दिया और वुहान का अनुभव दुनिया के लिए सीखने लायक है।
नेपाल की न्यू पीपल पार्टी के अध्यक्ष निधेश खनाल ने यह सुनकर बहुत उत्साहित था कि वुहान "अनब्लॉक" होने वाला था। क्योंकि वुहान उनके पसंदीदा चीनी शहरों में से एक है और वुहान के प्रति उनकी गहरी भावना है। उन्होंने कहा,
“मैंने चीन में पढ़ाई के दौरान वुहान की कई बार यात्रा की। वुहान एक बहुत सुंदर शहर है। यांग्त्ज़ी नदी वुहान शहर से गुजरती है और दोनों पक्षों के दृश्य बहुत सुंदर हैं। अब वुहान के लोगों के लिए उत्सव का क्षण है। वे आखिरकार संकट से बाहर निकलकर सामान्य जीवन के रास्ते पर वापस लौटे। मैं ईमानदारी से वुहान के दोस्तों को बधाई देता हूं।”
(मीनू)