भारत स्थित चीनी दूतावासः महामारी की सच्चाई कभी नहीं छिपाता है चीन
हाल में भारत स्थित चीनी दूतावास के प्रेस प्रवक्ता ची रोंग ने एक साक्षात्कार में कहा कि चीन सरकार हमेशा ही महामारी की सूचना को साझा करने का रुख अपनाती है। कोविड-19 वायरस मानव जाति के लिए एक बिलकुल नया वायरस है। इस का पता लगाने, अनुसंधान करने और जांच करने के लिए समय की जरूरत है। चीन का वुहान शहर इस महामारी का सब से पहले पता लगाने वाला स्थल है, लेकिन वायरस की स्रोत कहां है? कब से वायरस पैदा हुआ? हाल में इस के बारे में ज्यादा रिपोर्टें हैं। चीन का मानना है कि महामारी के स्रोत की समस्या का समाधान वैज्ञानिकों द्वारा किया जा सकता है। कोई भी मनमाने ढंग से नहीं कह सकता है।
चीन महामारी का निपटारा करने में खुला रुख अपनाता है। महामारी के प्रकोप से चीन ने समय पर रोकथाम कदम उठाये और भारी उपलब्धियां हासिल की हैं। चीन के कदमों ने भी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए मूल्यवान समय जीता है। चीन सरकार रोज संबंधित आंकड़े जारी करती है, साथ ही चीन ने विभिन्न पक्षों के साथ सहयोग कर अन्य देशों को मदद भी दी है।
डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञ ने भी बताया कि चीन द्वारा उठाये गये कदम इतिहास में सबसे साहसिक, लचीले और सक्रिय हैं, जिन्होंने महामारी के तेज फैलाव को रोका है और कई लाखों लोगों की जान बचायी है। साइन्स पत्रिका ने भी अंग्रेजी और अमेरिका के अनुसंधानकर्ताओं का लेख जारी कर कहा कि चीन को रोकथाम कदम ने सफल रूप से वायरस के फैलाव चेन को बर्बाद किया और अन्य देशों के लिए मूल्यवान समय जीता है। यदि शुरू में चीन ने वुहान की नाकाबंदी नहीं की होती और देश में आपात स्थिति घोषित नहीं की होती, तो वुहान के बाहर के क्षेत्रों में 7 लाख से अधिक संक्रमित मरीज हो जाते। हाल में मशहूर चिकित्सक पत्रिका लैंसेट के प्रमुख संपादक ने बीबीसी के साथ साक्षात्कार में भी स्पष्ट रूप से कहा कि चीन द्वारा दी गयी सूचना बहुत स्पष्ट है, लेकिन खेद की बात है कि हम ने पूरे फरवरी महीने को बर्बाद किया है।
महामारी के सामने विभिन्न देशों का भाग्य एक साथ रहता है। एक दूसरे की निंदा करने से और अधिक मूल्यवान समय बर्बाद किया जाएगा। हमें मानवतावाद से प्रस्थान होकर समय और शक्ति को महामारी के मुकाबले और जीवन को बचाने में इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि महामारी के संघर्ष में जल्द ही विजय पायी जा सके। चीन विभिन्न देशों के साथ महामारी के सहयोग को मजबूत करना चाहता है और चीन के अनुभवों व कार्यवाइयों को साझा करना चाहता है, ताकि सब से बड़े हद तक क्षेत्रीय और वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की रक्षा की जा सके।
हाल में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को दृढ़ विश्वास चाहिए। हमें अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मजबूत कर हाथ मिलाकर महामारी के मुकाबले में विजय पाने की कोशिश करनी चाहिए।
(श्याओयांग)