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चीनी दूतावास में भारतीय युवा नेता महासंघ के साथ संवाद का आयोजन

2020-01-11 16:49:05
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9 जनवरी को नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास में भारतीय युवा नेताओं के महासंघ के साथ युवा संवाद का आयोजन हुआ। 150 से अधिक चीनी और भारतीय युवा प्रतिनिधियों ने दूसरे चीन-भारत युवा संवाद में भाग लिया। और वह चीन व भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं जयंती पर आयोजित प्रथम गतिविधि है।

भारत स्थित चीनी राजदूत सुन वेई तुंग ने बयान देते हुए कहा कि हम भारी विकास, परिवर्तन और समायोजन के काल से गुजर रहे हैं। आर्थिक वैश्विकरण को गहराई में चलाने के साथ-साथ 5जी, ऐआई, बड़ा डेटा और ब्लॉकचेन आदि उच्च तकनीकों के विकास से मानव जीवन पर भारी प्रभाव पड़ेगा। लेकिन उधर एकतरफावाद, आधिपत्यवाद और बल राजनीति के प्रभाव से संरक्षणवाद और विकास के असंतुलन की समस्याएं भी उभरती जा रही हैं।

चीन और भारत को दो बड़ी जनसंख्या वाले विकासशील देश होने के नाते विश्व के बहुध्रुवीकरण तथा आर्थिक वैश्विकरण का समर्थन करने की प्रमुख शक्तियां बनना चाहिये। युवा देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। चीन में युवा लोग उच्च भावना के साथ देश के निर्माण और गरीबी उन्मूलन के लक्ष्य की ओर अभियान कर रहे हैं। इधर भारत में युवा लोग भी न्यू इंडिया के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस वर्ष चीन और भारत के बीच संबंधों की स्थापना की 70वीं जयंती है। दोनों देशों के नेताओं के बीच संपन्न सहमति के मुताबिक चीन-भारत संबंधों का स्थिर विकास किया गया है। जिससे दोनों देशों के युवाओं के बीच आदान प्रदान करने के लिए विशाल मंच तैयार है।

मौके पर उपस्थित भारत के पूर्व विदेश सचिव शशांक ने कहा कि युवा संवाद का आयोजन दोनों देशों के बीच संबंधों की 70वीं जयंती के लिए अर्थवान है। चीन का बहुत तेज़ी से विकास किया जा रहा है। वर्ष 1972 में जब वे चीन की यात्रा करने गये, तब चीन पिछड़ा हुआ था। पर चालीस साल बाद चीन में भारी परिवर्तन नजर आया है। चीन में हाई स्पीड रेलवे और जन जीवन की सुविधाओं का निर्माण प्रशंसनीय है। चीन जल्द ही विश्व की प्रथम अर्थव्यवस्था बनेगा। चीन के बहुत से अनुभव भारत के लिए सीखने योग्य हैं। चीन और भारत को एक दूसरे से अधिक आदान प्रदान और सहयोग करना चाहिये ताकि विश्व के विकास को एशिया की बुद्धि प्रस्तुत की जाए।

समारोह की समाप्ति पर दोनों देशों के युवाओं ने सांस्कृतिक प्रदर्शन दिखाया। दोनों देशों के युवाओं ने साथ-साथ गीत-संगीत गाया और दूतावास में स्थापित प्राइमरी स्कूल के छात्रों ने भी पारंपरिक वूशू प्रदर्शन किया।

( हूमिन )

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