भारतीय मीडिया पर चीन के तिब्बत में विकास और धार्मिक विश्वास की स्वतंत्रता पर लेख जारी

2019-11-07 11:40:09
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भारत स्थित चीनी राजदूत स्वन वेइतोंग ने 6 नवम्बर को भारत के प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार हिन्दुस्तान टाइम्स पर चीन के तिब्बत में विकास और धार्मिक विश्वास की स्वतंत्रता नामक एक लेख जारी किया। लेख में उन्होंने नये चीन की स्थापना के पिछले 70 सालों और तिब्बत में लोकतांत्रिक सुधार के 60 सालों में तिब्बत के आर्थिक व सामाजिक क्षेत्र में प्राप्त भारी उपलब्धियों का परिचय दिया। साथ ही तिब्बत संबंधी समस्या पर चीन के रुख पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आशा जताई कि भारत सरकार तिब्बत संबंधी समस्या पर अपने रुख पर कायम रहेगी, वचन का पालन कर हस्तक्षेप से बचेगी, ताकि चीन-भारत संबंधों का स्वस्थ व स्थिर विकास हो सके।

लेख में स्वन ने कहा कि इधर के वर्षों में भारत समेत अनेक देशों के पत्रकारों ने तिब्बत की यात्रा की और अपनी आंखों से तिब्बत में आर्थिक व सामाजिक विकास की प्रगति को देखा। उन्होंने देखा कि तिब्बती जनता के पास पूरे धार्मिक विश्वास की स्वतंत्रता है। ज्यादा से ज्यादा लोग तार्किक रूप से तिब्बत की मौजूदा स्थिति को देखने लगे हैं और पश्चिमी मीडिया की निराधार निंदा पर अच्छी तरह सोच विचार करने लगे हैं।

2003 में चीन और भारत ने दोनों देशों के संबंधों के सिद्धांत और तमाम सहयोग की घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किये। भारत तिब्बत को चीन लोक गणराज्य की प्रादेशिक भूमि का एक भाग मानता है। यह वचन चीन-भारत द्विपक्षीय दस्तावेजों में दोहराया जाता है। चीन भारत के उपरोक्त रुख की सराहना करता है। आशा है कि एक जिम्मेदार बड़े देश होने के नाते भारत अपने वचन का कड़ाई से पालन कर तिब्बत संबंधी समस्या में हस्तक्षेप से बचकर चीन-भारत संबंधों के स्वस्थ व स्थिर विकास को आगे बढ़ाएगा।

(श्याओयांग)

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