छठा चीन-भारत सामरिक आर्थिक संवाद दिल्ली में आयोजित

2019-09-10 14:17:47
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9 सितंबर को चीनी राष्ट्रीय विकास व रूपांतर आयोग तथा भारतीय राष्ट्रीय संक्रमण परिषद द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित छठा चीन-भारत सामरिक आर्थिक संवाद 9 सितंबर को दिल्ली में शुरू हुआ। चीनी राष्ट्रीय विकास व रूपांतर आयोग के प्रधान ह ली फ़ंग और भारत के नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने संवाद की अध्यक्षता की और मंच को संबोधित किया।

बातचीत में दोनों पक्षों ने दोनों देशों की व्यापक आर्थिक स्थिति और द्विपक्षीय व्यावहारिक सहयोग आदि के विषयों पर विचारों का आदान प्रदान किया। चीनी प्रतिनिधि ने कहा कि चीन के खुशहाल समाज के निर्माण में तेज़ी लायी गयी है जबकि भारत ने भी पाँच सालों के भीतर 50 खरब अमेरिकी डॉलर अर्थव्यवस्था का निर्माण करने का लक्ष्य तैयार किया है। चीन-भारत सहयोग से एक दूसरे के विकास को मदद मिलेगी और इससे एशिया और यहां तक सारी दुनिया की शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए लाभदायक है। चीन के अनेक विभागों और वित्तीय संस्थाओं ने चीन-भारत संवाद में भाग लिया है और उल्लेखनीय प्रगतियां हासिल की हैं। विभिन्न कार्य दलों के बीच पारस्परिक संपर्क को मजबूत कर नीति समन्वय, बुनियादी ढांचा, ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण, उच्च प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और चिकित्सा आदि के संदर्भ में सहयोग की सहमतियां संपन्न हो चुकी हैं। चीन और भारत दोनों देशों को और विशाल दायरे में सहयोग करना चाहिये और व्यावहारिक तौर पर सहयोग की उपलब्धियां प्राप्त करनी चाहिये। संवाद में उपस्थित भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि भारत में रूपांतर के जरिये कारोबारी माहौल और बुनियादी ढांचे के स्तर में सुधार किया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट सिटीज और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्रों में चीनी निवेश का स्वागत किया जा रहा है। दोनों देशों के अर्थतंत्र एक दूसरे के पूरक हैं। दोनों पक्षों को एक दूसरे के कारोबारों के लिए और मददगार शर्तें तैयार करनी चाहिये।

संवाद में चीनी राष्ट्रीय विकास व रूपांतर आयोग, विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और चीन के कुछ स्थानीय विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। उधर भारत के नीति आयोग के अलावा विदेश मंत्रालय, रेलवे मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक सूचना विभाग सहित अनेक सरकारी विभागों के अफसरों ने भी बातचीत में भाग लिया। दोनों पक्षों ने अनेक दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किये। चीन-भारत सामरिक आर्थिक वार्ता तंत्र वर्ष 2010 के दिसंबर में स्थापित हुई। जिस के तहत नीति समन्वय, बुनियादी ढांचे, उच्च प्रौद्योगिकी, ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा और चिकित्सा सहित छह कार्य दल भी हैं जो दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। इससे पहले दोनों देशों के बीच वर्ष 2011, 2012, 2014, 2016 और 2018 में पाँच बार संवाद का आयोजन हो चुका है।

( हूमिन )

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