चीन-भारत रणनीतिक आर्थिक वार्ता के अधीनस्थ कार्य दलों का सम्मेलन आयोजित

2019-09-09 18:38:50
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चीन-भारत रणनीतिक आर्थिक वार्ता के अधीनस्थ नीतिगत समन्वय, बुनियादी संस्थापन, उच्च तकनीक, ऊर्जा की बचत व पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा समेत पाँच कार्य दलों ने 7 सितंबर को दिल्ली में सम्मेलन आयोजित किया। चीन के राजकीय विकास और सुधार आयोग, ऊर्जा ब्यूरो, रेलवे ब्यूरो और भारत के राष्ट्रीय परिवर्तन आयोग, विदेश मंत्रालय, रेलवे मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, आवास व शहरी मामला मंत्रालय, बिजली मंत्रालय और दोनों देशों के उद्यमों व अनुसंधान संगठनों के प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में भाग लिया।

नीतिगत समन्वय से जुड़े कार्य दल ने चीन-भारत रणनीतिक आर्थिक वार्ता की व्यवस्था में हासिल प्रगति का सिंहावलोकन किया और चिकित्सा कार्य दल की स्थापना की प्रशंसा की। कार्य दल ने पूंजी व सहयोग की सरलीकरण और नई तकनीक में मौजूद अवसर आदि के विषयों पर विचार-विमर्श किया।

बुनियादी संस्थापन से जुड़े कार्य दल ने हाल के वर्षों में रेलवे प्रबंधन के प्रशिक्षण, रेलवे के रूपांतर पर अध्ययन और हाई स्पीड रेलवे के सहयोग में प्राप्त प्रगति का सिंहावलोकन किया। कार्य दल ने कहा कि चीन-भारत रणनीतिक आर्थिक वार्ता के सहारे बुनियादी संस्थापनों का सहयोग बढ़ाया जाएगा और सहयोग के क्षेत्रों का विस्तार किया जाएगा।

उच्च तकनीक से जुड़े कार्य दल ने हाई टेक के सहयोग में हासिल उपलब्धियों का सिंहावलोकन करने के साथ साथ निर्णय लिया कि संपर्क का व्यापक रास्ता स्थापित किया जाएगा और रणनीति, नीति व तकनीक में आदान-प्रदान मजबूत किया जाएगा। कार्य दल पांचवीं पीढ़ी के मोबाइल संचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स समेत मुख्य सहयोग परियोजनाओं के लिए बेहतर वातावरण तैयार करेगा और दोनों देशों के उद्यमों के लिए सुविधा देगा।

ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण के कार्य दल ने प्रदूषण की रोकथाम, कचरे के निपटारे और वृत्ताकार अर्थव्यवस्था के विकास में नीति और कार्यांवयन पर चर्चा की। कार्य दल ने फैसला किया कि कोयला आधारित बिजली संयंत्र के उत्सर्जन में कमी, प्रदूषित पानी और कूड़े के निपटारे, शहरों में पानी की आपूर्ति और निकासी और बाढ़ की रोकथाम आदि के क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा। चीन और भारत के पर्यावरण संरक्षण कंपनियों ने तमाम सहयोग उपलबधियां भी हासिल कीं।

ऊर्जा कार्य दल ने चीन-भारत रणनीतिक आर्थिक वार्ता व्यवस्था की स्थापना के बाद से ऊर्जा के क्षेत्र में हुए प्रगति का सिंहावलोकन किया और सहमति बनाई कि ऊर्जा नीति, नवीन ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा, बिजली, तेल और गैस आदि क्षेत्रों में संपर्क और सहयोग मजबूत किया जाएगा। कार्य दल दोनों देशों के उद्यमों को सहयोग करने में समर्थन देगा।

इसके अलावा, नए स्थापित चिकित्सा कार्य दल का पहला सम्मेलन 7 मई को पेइचिंग में आयोजित हुआ था। दोनों पक्ष सहयोग और आवाजाही मंच का निर्माण करेंगे और दवा उद्योग से संबंधित प्रशिक्षण, आदान-प्रदान व फोरम जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

(ललिता)

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