भारत के साथ संबंधों का विकास करना चीन की बुनियादी राजनीतिक नीति का अहम भाग

2019-09-04 14:35:36
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भारत स्थित चीनी राजदूत स्वन वेइतोंग तथा उनकी पत्नी ने 3 सितम्बर को नयी दिल्ली में एक सत्कार समारोह का आयोजन किया। भारत सरकार, संसद, राजनीतिक पार्टियों, सैन्य पक्ष, थिंक टेंक, मीडिया संस्थाओं, उद्यमों और मैत्रीपूर्ण संगठनों के प्रतिनिधियों, भारत स्थित विभिन्न देशों के राजदूतों व राजनयिकों, भारत स्थित चीनी न्यूज संस्थाओं, चीनी उद्यमों, चीनी विद्यार्थियों, प्रवासी चीनियों और चीनी दूतावास में कर्मचारियों समेत करीब 500 से अधिक लोगों ने सत्कार समारोह में हिस्सा लिया।

स्वन वेइतोंग ने अपने भाषण में कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बताया कि चीन और भारत एक दूसरे के लिए अहम मौका है। यदि चीन और भारत एक स्वर में बोलते हैं, तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है। दोनों देशों को तमाम दृष्टिकोण से समस्याओं का निपटारा कर मतभेदों को मिटाना चाहिए और वार्ता के जरिए विवादों को हल करना चाहिए, ताकि विकास से शांति को आगे बढ़ाए और सहयोग से आपसी विश्वास को प्रगाढ़ करें।

स्वन ने जोर दिया कि चीन सरकार भारत के साथ संबंधों को बड़ा महत्व देती है। यह चीन सरकार द्वारा लम्बे अरसे से अपनायी गयी बुनियादी राजनयिक नीति है। भविष्य में दोनों देश चार कदम उठाकर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ा सकते हैं। दोनों देश दोनों नेताओं के नेतृत्व में दूसरी अनौपचारिक भेंटवार्ता का अच्छी तरह आयोजन करेंगे। दोनों नेताओं की सहमति को विभिन्न स्तरों पर अमलीजामा पहनाया जाए। मतभेदों का अच्छी तरह नियंत्रन कर स्वेच्छा से द्विपक्षीय संबंधों की रचना करें। आदान-प्रदान व सहयोग को मजबूत कर साझे विकास को आगे बढ़ावा दें।

अंत में स्वन ने कहा कि अगले साल चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ होगी। वे विभिन्न तबकों के मित्रों के साथ हाथ मिलाकर दोनों देशों के नेताओं की सहमति को अच्छी तरह अमलीजामा पहनाएंगे, सहयोग को ध्यान में रखते हुए सह-विकास की खोज करेंगे, ताकि चीन-भारत संबंध को एक नये मंजिल पर आगे बढ़ाया जा सके।

(श्याओयांग)

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