बांग्लादेश : टैगोर के नाटक “चित्रा” का चीनी संस्करण में प्रदर्शन

2019-08-04 15:49:07
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गत जुलाई में बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चीन की यात्रा की। दोनों देशों ने “2019 से 2022 तक चीन-बांग्लादेश संस्कृति और पर्यटन के आदान-प्रदान कार्यान्वयन योजना”पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य चीनी और बांग्लादेशी सांस्कृतिक कलात्मक जगत के लोगों के बीच संवाद, आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करना है। इन दिनों बांग्लादेश की राजधानी ढाका में“2019 चीनी सांस्कृतिक माह”शीर्षक गतिविधि चल रही है। इसी दौरान पेइचिंग विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से गठित“टैगोर रचनाओं का ओपेरा दल”ने ढाका विश्वविद्यालय और बांग्लादेशी कला थिएटर में क्रमशः दो बार रविन्द्रनाथ टैगोर के शास्त्रीय नाटक“चित्रा”का चीनी संस्करण में प्रदर्शन किया। ढाका विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और बांग्लादेशी कला थिएटर के कलाकरों ने चीनी विद्यार्थियों के साथ अभिनय मंच पर संयुक्त प्रस्तुति दी, जिसने स्थानीय दर्शकों का मन मोह लिया।

“चित्रा”रविन्द्रनाथ टैगोर द्वारा 1891 में बंगाली भाषा में रचित एक नाटक है, जो भारतीय महाकाव्य “महाभारत” की कहानी से प्रेरित है। 1913 में टैगोर ने इस बंगाली नाटक का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद किया। 1924 में इसका अंग्रेजी संस्करण पहली बार चीन में प्रदर्शित किया गया।

यह पहली बार है कि चीनी विश्वविद्यालय के अभिनय दल ने ढाका विश्वविद्यालय में टैगोर के नाटक का प्रदर्शन किया। ढाका विश्वविद्यालय के नाटक अभिनय और अनुसंधान विभाग के अध्यक्ष अहमदुल कबीर के विचार में पेइचिंग विश्वविद्यालय और ढाका विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा एक ही मंच पर अभिनय किया जाना बधाई दी जाने वाली अच्छी बात है। उनका कहना है:“चीन और बांग्लादेश के बीच आवाजाही का इतिहास बहुत पुराना है। आजकल दोनों देशों के बीच आर्थिक व्यापारिक आवाजाही दिन प्रति दिन लगातार गहरा हो रही है। द्विपक्षीय मानविकी आवाजाही ज्यादा घनिष्ठ होनी चाहिए। चीनी अभिनय दल टैगोर की शास्त्रीय रचनाओं का प्रदर्शन करने यहां आया है, यह चीनी और बांग्लादेशी सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सुअवसर है। प्रधानमंत्री शेख हसीना को आशा है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक व्यापारिक विकास को आगे बढ़ाने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी मज़बूत किया जाएगा। मेरा विचार है कि मौजूदा प्रदर्शन बहुत सार्थक है और यह सफलता की शुरुआत भी है।”

पेइचिंग विश्वविद्यालय में टैगोर के अनुसंधान का इतिहास पुराना है। इधर के सालों में एशिया-अफ्रीका विभाग की प्रधान वेइ लीमिंग के प्रोत्साहन पर पेइचिंग विश्वविद्यालय ने टैगोर रचनाओं और बांग्लादेशी संस्कृति के प्रसार से संबंधित कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस बार ढाका में “चित्रा” का प्रदर्शन “टैगोर को सलाम करें” नामक ओपेरा प्रदर्शन की गतिविधि का एक भाग है, जिसका प्रदर्शन पेइचिंग, थ्येनचिन, चिनान और शनचन आदि शहरों में किया गया। प्रोफेसर वेइ लीमिंग ने कहा: “यह मेरी चौथी ढाका विश्वविद्यालय यात्रा है। मुझे याद है कि जब मैं पहली बार आयी थी तो मुझे बांग्लादेशी जनता से बहुत प्यार मिला। उनकी रंगबिरंगी संस्कृति, उत्कृष्ट भावना, और ओपेरा के प्रति प्यार आदि देखकर मैं दंग रह गयी। टैगोर और बांग्लादेशी संस्कृति के प्रति उनके आत्मविश्वास ने मुझे प्रभावित किया। यह मेरे लिए सपने को पूरा करने वाली यात्रा है। आशा है कि भविष्य में मुझे बांग्लादेश की यात्रा करने के लिए ज्यादा मौके मिलेंगे और बांग्लादेशी विद्वानों के पेइचिंग विश्वविद्यालय में आदान-प्रदान व सहयोग करने का भी स्वागत करती हूँ।”

ढाका विश्वविद्यालय और बांग्लादेशी कला थिएटर में प्रदर्शित“चित्रा”के चीनी संस्करण को न केवल स्थानीय दर्शकों का स्वागत मिला, बल्कि बांग्लादेश में कार्यरत चीनी दर्शकों को भी लुभाया गया। उनके विचार में इस प्रकार की गतिविधि से चीन-बांग्लादेश मैत्री के संवर्धन के लिए बहुत सार्थक है। बांग्लादेशी संस्कृति मंत्रालय के राज्य मंत्री के.एम. खालिद, संस्कृति मंत्रालय के स्थाई सचिव डॉ. अबू हेना मुस्तफा कमाल, राष्ट्रीय कला अकादमी के प्रधान अली राज़ी, ढाका विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. मोहम्मद अख्तरुज्जमान, बांग्लादेश-चीन मैत्री केंद्र के अध्यक्ष मोहम्मद डेलवर हुसैन, बांग्लादेश में चीनी दूतावास के कार्यवाहक राजदूत ल्यू चनहुआ और सांस्कृतिक काउंसलर सुन यान आदि एक हज़ार से अधिक चीनी और बांग्लादेशी दर्शकों ने इस नाटक को आनंद लिया।

(श्याओ थांग)

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