मॉरीशस में चीनी गीत प्रतियोगिता का आयोजन

2019-07-21 16:45:02
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

 प्रतियोगी एक साथ “कल अधिक सुन्दर होगा”नामक गीत गाते हुए

प्रतियोगी एक साथ “कल अधिक सुन्दर होगा”नामक गीत गाते हुए

चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ का जश्न मनाने के लिये मॉरीशस में चीनी दूतावास, मॉरीशस चीनी संस्कृति केंद्र, मॉरीशस राष्ट्रीय टीवी स्टेशन और स्थानीय संस्कृति और कला संस्थानों ने कुछ दिन पूर्व मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुइस में संयुक्त रूप से "सिंगिंग फॉर चाइना- मॉरीशस फ्रेंडशिप" के विषय पर चीनी गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया।

प्रतियोगी मैरी एस्टेले कैथन को “साइबे का स्ना, मुझे तुम से प्रेम है”नामक गीत से वयस्क दल की प्रतियोगिता जीती

प्रतियोगी मैरी एस्टेले कैथन को “साइबे का स्ना, मुझे तुम से प्रेम है”नामक गीत से वयस्क दल की प्रतियोगिता जीती

इस बार की प्रतियोगिता के फाइनल में कुल 20 प्रतियोगियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। आखिर में मैरी एस्टेले कैथन और शैनन चान सीम ने क्रमशः “साइबे का स्ना, मुझे तुम से प्रेम है” और “चाँद है मेरा दिल” दोनों गीतों के गायक वयस्क और जूनियर समूहों में चैंपियनशिप जीती। मैरी एस्टेले अवकाश के समय में मॉरीशस मित्तेर्रंद संगीत कॉलेज में संगीत सीखती है। इस बार की प्रतियोगिता में विजेता बनने पर वह संगीत प्रशिक्षण के लिए चीन जाएगी। उसे बेहद खुशी है और इस अवसर को मूल्यवान समझती है। मैरी एस्टेले ने कहा:

“चीनी गीत गाना मेरे लिए नई चुनौती है। मैं अंग्रेज़ी, फ्रांसीसी, इटालवी, यहां तक कि जर्मन भाषा में गीत गा चुकी हूं, लेकिन चीनी भाषा में कभी नहीं गाया। हमारे कॉलेज के प्रधान ने हमें इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। मैंने सोचा नहीं था कि मैं चैंपियनशिप जीत जाऊंगी। मैं बहुत खूश हूँ। मुझे ‘साइबे का स्ना, मुझे तुम से प्रेम है’ नामक गीत बहुत पसंद है। यह गीत भावनात्मक है और गीत के बोल भी अच्छे हैं।”

“आड़ू फूल की जगह” गाते हुए भारतीय मूल का युवक संजय

“आड़ू फूल की जगह” गाते हुए भारतीय मूल का युवक संजय

संजय गरीब परिवार में पैदा हुआ था और पहाड़ों में एक साधारण झोपड़ी में रहता था। यहां तक कि दैनिक पानी और बिजली की आपूर्ति की भी गारंटी नहीं थी। लेकिन भौतिक गरीबी चीनी संस्कृति के प्रति उसके प्रेम को रोक नहीं सकी। हर सुबह, वह पहाड़ पर चीनी गीत गाने का अभ्यास करता है। संजय की आवाज़ में “आड़ू फूल की जगह” नामक चीनी गीत ने प्रतियोगिता में दर्शकों की वाहवाही लूटी। उसने गीत गाकर चीन और मॉरीशस के लोगों के बीच मैत्री की आवाज़ सुनायी। संजय ने कहा:

“बचपन से ही मुझे चीनी गीत सुनना पसंद था। उस समय मैं पोर्ट लुइस में रहता था। आसपास कई चीनी पड़ोसी थे। वे कभी-कभार मेरी सहायता करते थे। उन्होंने मुझे बहुत कुछ सीखाया। 19 वर्ष की उम्र में मैंने एक थिएटर में मशहूर चीनी गायक च्यांग तावेइ की आवाज़ में ‘आड़ू फूल की जगह’ नामक गीत सुना, जो मुझे बहुत पसंद आया। इस गीत से मेरे मन में अपनी जन्मभूमि भारत की याद आती है, जो यहां से बहुत दूर है। इसके साथ ही इस गीत से मेरी कल्पना में सुन्दर चीन की छवि भी उभरकर आयी। गीत ने मुझे जीवन के मूल और नया जीवन तरीका बताया। इसी वजह से मैं चीनी गीत गाना पसंद करता हूँ। गीत गाते समय मैं बेहद उत्साह से भर जाता हूं।”

प्रतियोगी शैनन चान सीम को “चाँद है मेरा दिल”नामक गीत से जूनियर दल की प्रतियोगिता जीती

प्रतियोगी शैनन चान सीम को “चाँद है मेरा दिल”नामक गीत से जूनियर दल की प्रतियोगिता जीती

यांग चिनयी मॉरीशस में चौथी पीढ़ी वाला आप्रवासी चीनी है। उसका जन्म यहीं हुआ है और धाराप्रवाह चीनी भाषा नहीं बोल पाता है। लेकिन अपने शिक्षक और माता के प्रोत्साहन से उसने साहस के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया। मंच पर इस लड़के ने अपना पसंदीदा गीत “मेरी मातृभूमि” गाया। यांग चिनयी ने कहा:“मुझे पता है कि इस गीत में मातृभूमि की सुन्दरता का गुणगान है। हम उनके लिए प्रयासरत होना चाहिए।”

“मॉरीशस में चीनी गीत प्रतियोगिता”के चयन दल में मॉरीशस राष्ट्र स्तरीय महिला गायिका वेरोनिका, चीन के थ्येनचिन शहर में नृत्य-गान थिएटर के युवा गायक चांग खाई, संयुक्त राष्ट्र युनेस्को के मॉरीशस के छवि दूत जेन कॉन्स्टेंस के अलावा, मित्तेर्रंद संगीत कॉलेज, गांधी कॉलेज और ओपेरा संघ से आए पेशेवर जुरी भी शामिल हुए। प्रतियोगिता के बाद चीनी युवा गायक चांग खाई ने मॉरीशस के प्रतियोगियों की श्रेष्ठ प्रस्तुति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा:“कुछ प्रतियोगियों की चीनी भाषा का उच्चारण अच्छा है। सबसे अच्छी बात है कि गीत गाते समय उन्होंने गीत के बोल को केवल गाया ही नहीं, बल्कि वे गीत के आंतरिक अर्थ को समझते भी है और उन्होंने गीत की वास्तविक भावना को जाहिर भी किया है। संगीत बगैर सीमा वाली भाषा है, जो धुन से इंसान के बीच भावना का आदान-प्रदान होता है। इस प्रकार की भावना वैश्विक भाषा है। सच कहूं तो गीत सुनने के बाद मैं बहुत प्रभावित हुआ।”

 प्रतियोगिता के समारोह में अतिथि, जुरी और प्रतियोगी सामूहिक फोटो खींचवाते हुए

प्रतियोगिता के समारोह में अतिथि, जुरी और प्रतियोगी सामूहिक फोटो खींचवाते हुए

मॉरिशस में चीनी गीत प्रतियोगिता का आयोजन वर्ष 2009 से शुरु हुआ था। इस बार की प्रतियोगिता पर स्थानीय नागरिकों का खासा ध्यान रहा। प्रतियोगिता में विभिन्न जातीय, क्षेत्रों और उम्र के 150 से अधिक प्रतियोगियों ने भाग लिया। पाँच साल के बच्चे से 70 साल के बूढ़े तक, अलग जातियों के प्रतियोगियों में अधिकांश लोग चीनी भाषा नहीं बोल पाते हैं, लेकिन उन्हें चीनी संस्कृति और चीन-मॉरीशस मैत्री के प्रति लगाव है। मॉरीशस में चीनी दूतावास के सांस्कृतिक काउंसलर, चीनी सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक सोंग यानछुन ने कहा: “यह वर्ष चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 70 वीं वर्षगांठ है। यह हमारी मातृभूमि का जन्मदिन है। विदेशों में रहने वाले सभी चीनी लोगों को अपने देश पर गर्व है। मॉरीशस में संस्कृतियां विविधतापूर्ण हैं। यहां चीनी भाषा के अध्ययन को भी आगे बढ़ाया जा रहा है, जो कि चीनी संस्कृति के प्रसार का आधार बन गया है। इस मौके पर दूतावास ने मॉरीशस के राष्ट्रीय टीवी स्टेशन, गांधी कॉलेज और म्यूटरैंड कंजरवेटरी ऑफ म्यूजिक आदि कला संस्थाओं के साथ मिलकर इस शानदार गतिविधि का आयोजन किया। विभिन्न जातियों के लोग एक साथ चीनी गीत गाते हैं, जिससे चीन और मॉरिशस के बीच गहरी दोस्ती जाहिर हुई।”

(श्याओ थांग)



शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories