पाकिस्तानी विशेषज्ञ की नज़र में बेल्ट एंड रोड निर्माण

2019-04-29 10:41:51
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पाकिस्तानी विशेषज्ञ की नज़र में बेल्ट एंड रोड निर्माण

पाकिस्तानी विशेषज्ञ की नज़र में बेल्ट एंड रोड निर्माण

बेल्ट एंड रोड पहल के निर्माण के विकास के साथ साथ चीन-पाक आर्थिक गलियारा (सीपेक) अब पाकिस्तान के आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण इंजन बन चुका है ।चीन-पाक आर्थिक गलियारा क्षमता निर्माण केंद्र के उप-निदेशक यासिर मसूद ने हाल ही में सीआरआई को दिये एक साक्षात्मार में बताया कि बेल्ट एंड रोड पहल करने के 6 वर्षों में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में गहरा परिवर्तन आया है ।पेइचिंग में आयोजित दूसरे बेल्ट एंड रोड अंतरराष्ट्रीय सहयोग शिखर मंच ने विभिन्न देशों के लिए समृद्धि साझा करने का एक अवसर प्रदान किया है ।

यासिर मसूद की नज़र में वर्तमान विश्व में विभिन्न देशों के बीच विकास का फासला काफी बड़ा है ।विकसित देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं ,जबकि व्यापक विकासशील देशों को विकास का समान अवसर नहीं मिलता ।चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दूसरे बेल्ट एंड रोड अंतरराष्ट्रीय सहयोग शिखर मंच में अपने भाषण में बल दिया कि बेल्ट एंड रोड निर्माण में पारस्परिक संपर्क और पारस्परिक लाभ पर जोर दिया ।वास्तव में बेल्ट एंड रोड पहल मानव समुदाय का साझा भविष्य पूरा करने का एक मंच बन गया है ।उन्होंने बताया ,इस समय चीन एक पट्टी एक मार्ग के ज़रिये विकासशील देशों के लिए एक मंच प्रदान कर रहा है ताकि विकासशील देश एक पट्टी एक मार्ग के निर्माण में भाग ले सकें और समान विकास का अवसर साझा करें ।यह अन्य आर्थिक प्रबंधन से एक विशिष्ट अवधारण है ,जो विकासशील देशों और विकसित देशें के समान विकास का मंच है ।

बुनियादी संस्थापन पारस्परिक संपर्क की नींव है और कई देशों के विकास में बाधा भी है ।मसूद ने बताया कि पिछले 6 साल में बेल्ट एंड रोड पहल ने संबंधित देशों खासकर विकासशील देशों के बुनियादी संस्थापनों के निर्माण का भारी समर्थन दिया ।उन्होंने कहा ,जब हम बुनियादी संस्थापनों की चर्चा करते हैं ,इस में दो मुख्य समस्याएं हैं ।पहला तकनीक का अभाव है । दूसरा पूंजी का अभाव है ।चीन एक पट्टी एक मार्ग के जरिये विकासशील देशों के बुनियादी संस्थापनों के निर्माण में तकनीक और पूंजी लगा रहा है ।बुनियादी संस्थापनों का निर्माण वास्तव में विकासशील देशों का विकास और समृद्धि पूरा करने की मदद है ।

मसूद ने बताया कि सी-पेक निर्माण के पहले ऊर्जा की किल्लत ,बुनियादी संस्थापनों के पिछड़पन और आतंकवाद विरोधी युद्ध के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मंदी से गुज़र रही है ।किसी देश को पाकिस्तान में पूंजी लगाने की इच्छा नहीं थी ।सी-पेक निर्माण के पहले चरण में चीन ने पाकिस्तान में बुनियादी संस्थापन और ऊर्जा के अभाव को दूर करने के लिए मदद दी ।इस से पाकिस्तान विभिन्न देशों के पूंजी निवेशकों का पसंदीदा देश बन गया है और सी-पेक के दूसरे चरण के निर्माण के लिए मज़बूत आधार डाला गया है ।उन्होंने बताया ,उस समय पाकिस्तान एक बहुत कठिन दौर का सामना कर रहा था ।चीन-पाक आर्थिक गलियारे के निर्माण से चीन पाकिस्तान को सहायता करने का वादा देने वाला एकमात्र देश बन गया ।इस से पाकिस्तानी सरकार और जनता को बड़ा विश्वास मिला ।आज पाकिस्तान का ऊर्जा सवाल आम तौर पर सुलझाया गया है ।वर्ष 2021 तक पाकिस्तान ऊर्जा अभाव का देश नहीं होगा ।सी-पेक के कारण पाकिस्तान के बुनियादी संस्थापन में बड़ा सुधार आया है ।दूसरे चरण में हम औद्योगीकरण और मुक्त व्यापार क्षेत्रों के निर्माण को बढ़ाएंगे ।

28 अप्रैल को चीन और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने मुक्त व्यापार समझौते के दूसरे चरण की वार्ता संपन्न की ।दोनों देशों के प्रधान मंत्रियों की उपस्थिति में संबंधित संधि पर हस्ताक्षर किये गये ।नयी संधि के मुताबिक चीन और पाकिस्तान के बीच शून्य टैरिफ वाले उत्पादनों की संख्या पहले के 35 प्रतिशत से कदम दर कदम 75 प्रतिशत तक उन्नत की जाएगी ।इस के अलावा दोनों पक्ष 5 प्रतिशत उत्पादों पर 20 प्रतिशत टैरिफ घटाएंगे ।मसूद ने कहा कि नई मुक्त व्यापार संधि पाकिस्तान के लिए चीन के प्रति घाटा कम करने का एक अच्छा मौका होगा और चीन विश्व के लिए अपना बाज़ार और अधिक चौड़ा खोलने का एक उदाहरण भी है ।उन्होंने बताया ,दूसरे चरण की मुक्त व्यापार संधि चीन के प्रति पाकिस्तान के निर्यात को बढ़ाएगी और दोनों देशों के व्यापार संबंधों को मजबूती मिलेगी ।दोनों देशों के बीच व्यापार बड़े पैमाने तौर पर बढ़ सकेगा ।कहा जा सकता है कि पाक-चीन व्यापार संतुलन पूरा करना सिर्फ़ समय की समस्या है ।जब चीन और विश्व के साथ पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था का संबंध अधिक घनिष्ठ होगा ,पाकिस्तान तेज़ विकास के रास्ते पर चलेगा ।(वेइतुंग)

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