2007 समझौता एक्प्रेस धमाके के चारों आरोपी बरी
बुधवार 20 मार्च को भारत में नई दिल्ली की विशेष अदालत ने वर्ष 2007 में समझौता एक्सप्रेस ट्रेन धमाके मामले में चारों अभियुक्तों को बरी कर दिया है।
18 फ़रवरी 2007 में भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली ट्रेन में धमाका हुआ था जिसमें 68 लोगों की मौत हो गई थी। बरी होने वाले चारों आरोपियों के नाम असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिन्दर चौधरी हैं। एक स्थानीय अधिकारी के मुताबिक, अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों को दोषी साबित करने में विफल रहा है।
असीमानंद जो पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यकर्ता था उसपर तीन आतंकी हमलों में लिप्त होने का आरोप लगा था। इन चारों के बरी होने से भारत के आतंक निरोधक एजेंसी एनआईए को झटका लगा है। एनआईए ने इस केस को वर्ष 2010 में अपने हाथ में लिया था। हालांकि अदालत ने इस बात से इंकार किया है कि एनआईए उनपर आरोप साबित करने में नाकाम रही है।
समझौता एक्सप्रेस भारत और पाकिस्तान के रेल मंत्रालयों द्वारा साझा तरीके से सप्ताह में दो दिनों तक चलने वाली ट्रेन है जो दिल्ली से अटारी सीमा होते हुए लाहौर तक जाती है।
पंकज श्रीवास्तव